मिट्टी में दबाया गया खाद पदार्थ।
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अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सारण के दिशा निर्देश में और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष सिंह शेखावत के नेतृत्व में बहरोड़ में मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि राजस्थान सरकार की ओर से चलाई गई 'शुद्ध के लिए युद्ध' अभियान के तहत सूचना मिली की बहरोड़ में मैसर्स सुरेंद्र बोहरा के यहां खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं खाद्य सुरक्षा एक्ट 2006 के नियमों का उल्लंघन लगातार किया जा रहा है। मौके पर खाद्य सुरक्षा दल के साथ पहुंचने पर सूचना सही पाई गई।
सूचना सत्यापित होने पर कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा दल को करीब 500 किलो दूषित एवं बदबूदार रसगुल्ले और छेने की मिठाई पाई गई, जोकि स्टील के बर्तनों में रखी गई थी। उसका खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत सैंपल लेकर जयपुर प्रयोगशाला में भिजवाया गया। दूषित बदबूदार मिठाई को मौके पर जेसीबी से गड्ढा खुदवा कर नष्ट करवाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान द्वारा घरेलू सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था जोकि नियमों के खिलाफ है। जांच दल द्वारा तुरंत रसद विभाग को मौके पर बुलवाया गया और 12 घरेलू सिलेंडरों को जब्त करवाया गया।
जांच दल में तहसीलदार अभिषेक यादव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रोशन लाल और रसद विभाग से प्रवर्तन निरीक्षक विजयपाल ओर रविकांत मौजूद रहे। कुल मिलाकर बहरोड़ ओर नीमराणा क्षेत्र में मिलावटी मिठाई बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही है।पिछले दिनों खाद्य विभाग ने बहरोड़ में सिंथेटिक ओर मिलावटी मावा भी पकड़ा था जो हाईवे पर दुकानों के जरिये बाहर जा रहा था। यह मावा ओर कलाकन्द करीब सत्तर रुपये प्रति किलो में बन रहा था जबकि चार सौ रुपये किलो में बेचा जा रहा था।