राजस्थान के अलवर में पति के सामने महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने पीड़िता को जेल ले जाकर आरोपियों की शिनाख्त कराई। जांच अधिकारी डीएसपी ग्रामीण जगमोहन शर्मा ने बताया कि अलवर के केंद्रीय कारागृह में बंद तीनों आरोपियों की शिनाख्त परेड कराई गई। दोपहर करीब 12 बजे जेल में पीड़िता एवं उसके पति को ले जाकर अन्य आरोपियों के बीच में तीनों आरोपियों को खड़ा कर पहचान कराई गई।
शिनाख्त के बाद जांच रिपोर्ट को लिफाफे में सीलबंद कर दिया गया है। अब यह रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाएगी। दूसरी ओर 13 मई तक रिमांड पर चल रहे तीनों आरोपियों से पुलिस ने तीसरे दिन भी पूछताछ की। पुलिस पता लगा रही है कि वारदात के बाद आरोपियों को भगाने व छिपाने में किन लोगों ने सहायता की थी। अलवर में घटना के विरोध में सुबह हैल्पिंग हैंड संगठन के कार्यकर्ता, कोचिंग व म्यूजिक क्लासेज के विद्यार्थियों ने शहीद स्मारक से मौन जुलूस निकाला। जुलूस में दुष्कर्मियों को फांसी देने की मांग की।
बता दें कि अलवर में पांच लोगों ने मिलकर एक महिला से उसके पति के सामने सामूहिक दुष्कर्म किया था और पुलिस ने चुनाव की वजह से मामले को चार दिन तक दबाए रखा। मामला अलवर जिले के थानागाजी इलाके का है जहां पर एक पति के सामने उसकी पत्नी की इज्जत से खिलवाड़ किया गया। आरोपियों ने दिल दहला देने वाली इस करतूत की वीडियो बना ली जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।
पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि वह 26 अप्रैल को दोपहर 3 बजे पति के साथ बाइक से गांव लालवाड़ी से तालवृक्ष जा रही थी। थानागाजी-अलवर बाईपास रोड पर दुहार चौगान वाले रास्ते से कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक के आगे 5 युवकों ने अपनी 2 बाइक लगा दीं और रोक लिया। युवकों की उम्र 20-25 साल थी। पीड़िता ने बताया, उन पांचों ने उसके पति से पहले मारपीट की, फिर बंधक बना लिया। बाद में पांचों युवकों ने महिला से पति के सामने सामूहिक दुष्कर्म किया।