राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में दो दिनों से भड़क रही हिंसा के चलते उदयपुर में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
माहौल को देखते हुए प्रतापगढ़ अरनोद कस्बे के नजदीक कोटड़ी और मोहडा गांव में गुरुवार को भी कर्फ्यू नहीं हटाया गया। फिलहाल क्षेत्र में शांति है और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
फायरिंग और हिंसक घटनाओं के बाद क्षेत्र में पांच थाने की पुलिस तैनात है और उदयपुर आईजी मौके का दौरा कर स्थिति सामान्य बनाए रखने के प्रयासों में जुटे हैं। दोनों समुदायों के लोगों के बीच समझाइश का दौर जारी है।
प्रतापगढ़ दंगे के मद्देनजर उदयपुर शहर में भी पुलिस व प्रशासनिक अलर्ट जारी किया गया है। शहर के हर कोने में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में जांच पड़ताल भी की गई।
प्रतापगढ़ जिले के प्रताप कोटड़ी से बारह किमी दूर फायरिंग की घटना के बाद लोगों ने घरों व दुकानों को जला दिया था। घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। हिंसा में मारे गए लोगों शव घर पहुंचा दिए गए हैं। आधा दर्जन से अधिक घायल अस्पताल में भर्ती हैं।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दोनों समुदायों के लोगों से आपसी प्रेमभाव बनाए रखने की अपील की थी। सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख और भाजपा ने एक लाख रुपए आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। कुछ लोगों को चिह्नित जरूर किया गया है।