अजमेर के घूघरा स्थित जेल प्रशिक्षण संस्थान (JTI) में बुधवार को एक आध्यात्मिक और विशेष आयोजन हुआ, जिसमें 150 से अधिक प्रशिक्षु और स्टाफ ने महाकुंभ प्रयागराज के पवित्र संगम जल में आस्था की डुबकी लगाई। इस जल को संस्थान के कुंड में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के साथ विधिवत विसर्जित किया गया, जिसके बाद सभी प्रशिक्षुओं ने उसमें स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
दरअसल, संस्थान के प्राचार्य पारस जांगिड और प्रशिक्षकगण हाल ही में महाकुंभ, प्रयागराज की यात्रा पर गए थे। वहां उन्होंने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई और लौटते समय संगम तट से कलश में पवित्र जल लेकर आए। यह जल संस्थान के कुंड में प्रवाहित किया गया, जिससे प्रशिक्षु भी इस धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभूति का हिस्सा बन सकें।
वैदिक मंत्रों के साथ जल विसर्जन
संस्थान में इस आयोजन को विधिवत रूप से संपन्न करने के लिए पूजा-पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार का आयोजन किया गया। इसके बाद सभी 150 प्रशिक्षु वन रक्षक एवं स्टाफ सदस्य पवित्र जल में उतरे और श्रद्धा के साथ डुबकी लगाई।
आध्यात्मिकता और प्रशिक्षण का समावेश
प्राचार्य पारस जांगिड ने बताया कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कार, आस्था और ऊर्जा का संगम भी है। प्रशिक्षुओं के लिए इस जल में स्नान करना शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि का अवसर था। इस आयोजन का उद्देश्य संस्कार, एकता और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, जिससे प्रशिक्षु न केवल एक सक्षम अधिकारी बनें, बल्कि नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों से भी समृद्ध हों।
महाकुंभ यात्रा में गए प्रशिक्षकगण
महाकुंभ प्रयागराज की यात्रा पर जाने वाले प्रशिक्षकों में अशोक कुमार शर्मा (MDI), बनवारीलाल, प्रहलाद गुर्जर, अर्जुन चौधरी, सुरेश कुमार, खेतपाल चारण, सोमराज बिश्नोई, सुभाष जांगु और सुभाष शामिल रहे। उन्होंने वहां त्रिवेणी संगम स्नान किया, धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया और कुंभ मेले की दिव्यता का अनुभव किया।
संस्थान में उत्साह और श्रद्धा का माहौल
इस विशेष आयोजन से पूरे संस्थान में उत्साह और आध्यात्मिकता का वातावरण बन गया। प्रशिक्षुओं ने इस आयोजन को अपनी आध्यात्मिक यात्रा का एक अनोखा अनुभव बताया और महाकुंभ जैसे ऐतिहासिक पर्व से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त कर खुद को भाग्यशाली महसूस किया।