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अजमेर नगर निगम चुनाव की जंग: दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर, देवनानी, भदेल और राठौड़ के प्रभाव का असली इम्तिहान

Fri, 21 Aug 2026 06:19 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

नगर निगम चुनाव की तारीख तय होते ही शहर की सियासत में बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा का सवाल भी जुड़ गया है। इस बार वार्डों के नतीजे सिर्फ बोर्ड की दिशा नहीं तय करेंगे, बल्कि देवनानी, भदेल और राठौड़ के जमीनी प्रभाव का भी संकेत देंगे।
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दांव पर दिग्गजों की साख - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है और अजमेर नगर निगम का चुनाव इस बार सिर्फ पार्षदों की जीत-हार तक सीमित नहीं रहने वाला। शहर की सियासत में यह चुनाव भाजपा और कांग्रेस के साथ-साथ उन तीन बड़े चेहरों के लिए भी प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है, जिनका अजमेर की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है।

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अजमेर उत्तर से पांच बार के विधायक और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, अजमेर दक्षिण से भाजपा की विधायक अनीता भदेल और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अजमेर की राजनीति में सक्रिय रहे आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ इन तीनों नेताओं की राजनीतिक पकड़ और प्रभाव का भी निकाय चुनाव में बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की 309 नगरीय निकायों में चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। अजमेर जिले में दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 9 सितंबर को 6 नगरीय निकायों और दूसरे चरण में 11 सितंबर को 3 नगरीय निकायों में मतदान होगा। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। वहीं नगर निगम के मेयर और नगर पालिका-नगर परिषद अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया बाद में होगी। ऐसे में अजमेर नगर निगम की सत्ता को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
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देवनानी के लिए संगठन और सत्ता की परीक्षा
अजमेर उत्तर से लगातार पांच बार विधायक चुने गए वासुदेव देवनानी वर्तमान में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष हैं। अजमेर भाजपा की राजनीति में उनका प्रभाव लंबे समय से माना जाता है। नगर निगम चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन उनके लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शहर के बड़े हिस्से में संगठन को मजबूत रखना, कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और नगर निगम में भाजपा की पकड़ बनाए रखना देवनानी के सामने बड़ी चुनौती होगी। विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में रहे माहौल को निकाय चुनाव में बरकरार रखना उनके राजनीतिक प्रभाव की अगली परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।

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भदेल के सामने दक्षिण की सियासी चुनौती
अजमेर दक्षिण से भाजपा विधायक अनीता भदेल भी इस चुनाव में सीधे तौर पर राजनीतिक कसौटी पर होंगी। अजमेर दक्षिण में लंबे समय से सक्रिय भदेल के लिए नगर निगम चुनाव अपने विधानसभा क्षेत्र में संगठन की मजबूती और जनता के बीच राजनीतिक पकड़ का संदेश देने का मौका होगा। वार्ड स्तर पर टिकट वितरण, स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी, बागियों को साधना और पार्षद प्रत्याशियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना उनके लिए अहम चुनौती होगी। नगर निगम के नतीजे यह भी बताएंगे कि विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का जमीनी नेटवर्क कितना मजबूत है।

राठौड़ की सक्रियता बढ़ाएगी मुकाबले की गर्मी
दूसरी ओर कांग्रेस की राजनीति में आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ का नाम भी अजमेर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान अजमेर में सक्रिय राजनीतिक भूमिका में नजर आए राठौड़ की मौजूदगी निकाय चुनाव में कांग्रेस के लिए अहम मानी जा रही है।

राठौड़ के सामने चुनौती कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की होगी। भाजपा के मजबूत संगठन के सामने कांग्रेस यदि वार्ड स्तर पर मजबूत उम्मीदवार उतारकर मुकाबला तैयार करती है तो अजमेर नगर निगम का चुनाव बेहद दिलचस्प हो सकता है।

असली लड़ाई वार्डों में
अजमेर नगर निगम की चुनावी जंग का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि मुकाबला केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं होगा। टिकट की दौड़, बागियों की भूमिका, स्थानीय मुद्दे और वार्ड स्तर के समीकरण कई सीटों पर नतीजे बदल सकते हैं। सड़कों, सफाई, सीवरेज, जलभराव, ट्रैफिक, अतिक्रमण और विकास कार्य जैसे स्थानीय मुद्दे इस बार चुनावी मैदान में प्रमुख रहेंगे। साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि पार्टी के बड़े नेताओं का प्रभाव वार्ड स्तर पर कितना दिखाई देता है।
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एक तरफ पांच बार के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, दूसरी तरफ अजमेर दक्षिण की विधायक अनीता भदेल और कांग्रेस की ओर से सक्रिय धर्मेंद्र सिंह राठौड़ तीनों की राजनीतिक प्रतिष्ठा के बीच अजमेर नगर निगम का चुनाव अब सिर्फ स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि शहर की अगली सियासी दिशा तय करने वाली बड़ी जंग बनता दिखाई दे रहा है।

 

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