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Ajmer News: अजमेर दरगाह में शिव मंदिर के दावे की सुनवाई टली, कोर्ट ने तय की नई तारीख

Sat, 03 Jan 2026 02:54 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

अजमेर दरगाह परिसर में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़ा मामला एक बार फिर टल गया है। शनिवार को सिविल कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई वकीलों के वर्क सस्पेंड के कारण नहीं हो सकी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अजमेर दरगाह परिसर में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़े मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। शनिवार को सिविल कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई वकीलों के वर्क सस्पेंड के कारण नहीं हो सकी। अब कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 21 फरवरी 2026 तय की है।
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सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता, पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा और हाईकोर्ट के वकील संदीप कुमार मौजूद रहे। किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए कोर्ट के बाहर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की कमान सीओ शिवम जोशी के हाथ में रही, जबकि दो थानों के थाना अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

हिंदू सेना के प्रमुख विष्णु गुप्ता ने सिविल कोर्ट में याचिका दायर कर अजमेर दरगाह परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से सर्वे कराने और कथित शिव मंदिर स्थल पर पूजा की अनुमति देने की मांग की है। याचिका में दावा किया गया है कि दरगाह परिसर में प्राचीन शिव मंदिर के अवशेष मौजूद हैं, जिनकी ऐतिहासिक जांच जरूरी है।
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इस याचिका का मुस्लिम पक्ष की अंजुमन कमेटी ने कड़ा विरोध किया है। कमेटी का कहना है कि यह मामला सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास है और 1991 के प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के खिलाफ है। अंजुमन कमेटी के अनुसार, कानून में 1947 की स्थिति को बनाए रखने का स्पष्ट प्रावधान है, ऐसे में इस तरह की याचिकाएं असंवैधानिक हैं।

हाईकोर्ट के वकील संदीप शर्मा ने बताया कि अजमेर में वकीलों के वर्क सस्पेंड रहने के कारण अदालत में प्रभावी सुनवाई नहीं हो सकी। इसी वजह से कोर्ट ने 21 फरवरी 2026 की अगली तारीख तय की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दरगाह उर्स के दौरान वीआईपी चादर पेश करने से जुड़ा मामला सिविल कोर्ट से वापस ले लिया गया है।

वकील संदीप शर्मा ने बताया कि 7/11 से जुड़ा एक अन्य मामला अभी पेंडिंग है। उम्मीद है कि उसका जल्द निपटारा होगा, ताकि संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। फिलहाल सुनवाई टलने के बावजूद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज बनी हुई है। अब सभी की नजरें 21 फरवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

 

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