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Ajmer News: रिटायरमेंट से 21 दिन पहले एसीबी के जाल में फंसे RIICO के सीनियर DGM, जूनियर असिस्टेंट भी गिरफ्तार

Sat, 11 Jul 2026 10:00 AM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

लीज डीड जारी करने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर एसीबी ने अजमेर और ब्यावर में एक साथ कार्रवाई की। ट्रैप ऑपरेशन के दौरान दो अधिकारियों को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
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लीड डीड जारी करने के एवज में रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए दो अधिकारी
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विस्तार
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार को राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए अजमेर के सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) और ब्यावर के एक जूनियर असिस्टेंट को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार दोनों पर लीज डीड जारी करने के एवज में कुल 85 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
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जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने एसीबी से शिकायत की थी कि रीको अधिकारियों द्वारा लीज डीड से संबंधित कार्य करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी जयपुर की टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप कार्रवाई की।

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कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता पहले अजमेर स्थित रीको यूनिट कार्यालय पहुंचा। एसीबी के अनुसार जैसे ही 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि का लेन-देन हुआ, पहले से तैनात टीम ने सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान ब्यावर में रीको के जूनियर असिस्टेंट कमलेश को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। एसीबी के मुताबिक दोनों आरोपियों ने मिलकर लीज डीड जारी करने के बदले कुल 85 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के बाद अजमेर और ब्यावर में एक साथ ट्रैप कार्रवाई की गई।
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बता दें कि सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे और अपनी सेवानिवृत्ति के मात्र 21 दिन पहले एसीबी के शिकंजे में आ गए। उनकी मूल पदस्थापना किशनगढ़ में है, जबकि उनके पास अजमेर यूनिट का अतिरिक्त प्रभार भी था। फिलहाल एसीबी गिरफ्तार होने वाले दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही उनके कार्यालयों और अन्य संभावित ठिकानों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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