दो साल पहले अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के मुख्य निजाम गेट पर सिर तन से जुदा का नारा लगाने वाला गौहर चिश्ती सहित छह आरोपियों को मंगलवार (16 जुलाई) को न्यायालय ने बरी कर दिया था। गुरुवार को इस मामले में मुख्य आरोपी गौहर चिश्ती की अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से रिहाई हुई।
जेल से रिहा होने के बाद गौहर चिश्ती के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। वहीं, रिहाई के बाद गौहर चिश्ती ने न्यायालय को धन्यवाद देते हुए कहा कि जो मुझे न्यायालय से उम्मीद थी न्याय की, वो न्याय मुझे मिला। इस तरीके के फैसले अगर होते रहे तो तमाम नागरिकों का न्यायपालिका का भरोसा कायम रहेगा।
गौहर ने कहा कि जिस तरीके से मुझ पर झूठा प्रकरण दर्ज किया गया था और न्यायालय ने मुझे बरी किया, इसके लिए मैं न्यायालय का शुक्रिया अदा करता हूं और सद्भावना का पैगाम देते हुए कहना चाहूंगा कि हिंदुस्तान के सभी लोग मिल जुलकर रहें। जो पैगाम गरीब नवाज की बारगाह से जाता है, वह पैगाम आगे भी जाता रहे। सभी लोग मिलजुल कर रहें, कुछ जो नापाक ताकतें हिंदुस्तान में हैं, जो एकता और अखंडता को तोड़ना चाहती हैं, उनसे बचकर रहें।
गौहर ने कहा, वह हर धर्म और वर्ग में मिलेंगे, कोई भी बात को मिर्च मसाला लगाकर न कहें, जो सत्य है वही कहें। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता और आज जो न्याय की जीत हुई है, सत्य की जीत हुई है, इसका मैं दिल से शुक्रगुजार हूं।