देश के अनेक राज्यों में हाई प्रोफाइल जिंदगी जीने के लिए 100 से ज्यादा नकबजनी की वारदात करने वाले मास्टरमाइंड सतपाल फौजी को उसके अन्य तीन साथियों के साथ अजमेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड ने किशनगढ़ में तीन बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस टीम ने पांच हजार से ज्यादा सीसीटीवी खंगाल कर मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में उपयोग में ली गई कार और चोरी किया गया 15 से 16 लाख रुपये के कीमती जेवरात बरामद किए हैं। पुलिस को मास्टरमाइंड सतपाल फौजी से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं।
अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने गुरुवार को वारदात का खुलासा किया। एसपी बिश्नोई ने बताया कि किशनगढ़ में मार्च 2024 में सुरेंद्र सिंह सोढ़ा नाम के पीड़ित के घर दिनदहाड़े चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। इसमें हजारों की नकदी और लाखों के जेवरात चोरी किए गए। इसके साथ ही दो अन्य घरों में भी किशनगढ़ में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया गया था। मामले में ग्रामीण एडिशनल एसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में स्पेशल और साइबर सहित थाने की टीम का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। एसपी ने बताया कि पुलिस टीम के द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर सीसीटीवी और वैज्ञानिक तरीकों से जांच की थी।
टीम ने जयपुर, अलवर, भिवाड़ी, झुंझुनूं, हरियाणा, गुरुग्राम, मानेसर, हिसार, भिवणी, दिल्ली आदि जगहों पर जाकर दबिश दी थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी को चिन्हित कर कार्रवाई करते हुए दिल्ली से मास्टरमाइंड जिला गुरुग्राम हरियाणा निवासी सतपाल सिंह उर्फ फौजी (43) पुत्र ओमपाल सिंह सहित जिला झुंझुनूं निवासी विकास शर्मा उर्फ पवन शर्मा (36) पुत्र दामोदर, महेंद्रगढ़ हरियाणा निवासी विक्रमजीत (31) पुत्र रामचंद्र सहित चोरी का माल खरीदने वाले गुरुग्राम हरियाणा निवासी जितेंद्र उर्फ जोनी (39) को गिरफ्तार किया है। जिससे वारदात में उपयोग में ली गई कार और चोरी किए गए 15 से 16 लाख के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। कार्रवाई में विशेष योगदान स्पेशल टीम के हेड कांस्टेबल आशीष गहलोत, देवेंद्र सिंह, कांस्टेबल अभय सिंह और राजाराम का रहा।
विग लगाकर छुपाता था पहचान
पुलिस की जांच में सामना आया कि मास्टरमाइंड सतपाल के बाल नहीं है, वह गंजा है। अपनी प्रोफाइल छुपाने के लिए वह विग लगाकर वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए कई राज्यों की जेल में जाकर उसकी फोटो दिखाई और बाद में जाकर उसे दिल्ली से उसके साथियों के साथ पकड़ा है।
फौजी की छोड़ी नौकरी, बना अपराधी
पुलिस की जांच में सामना आया कि मास्टरमाइंड सतपाल फौजी की पत्नी ने 2003-24 में पारिवारिक कारणों के चलते सुसाइड कर लिया था। इसके बाद सतपाल सिंह को दहेज हत्या के मामले में जेल हुई थी। जेल से छूटने के बाद उसने फौजी की नौकरी छोड़ने के बाद हरियाणा स्थित घर लौट गया था। बाद में उसने फौजी की नौकरी छोड़ दी थी। करीब वह आठ साल फौजी की नौकरी कर रहा था। पुलिस की जांच में सामना आया कि मास्टरमाइंड सतपाल सिंह की जेल में उसके अन्य बदमाशों से दोस्ती हो गई थी। जब वह जेल से बाहर आया तो अपने प्लॉट पर कब्जा किए हुए गैंगस्टर की गोली मारकर के हत्या कर दी थी। इसी के बाद से ही सतपाल सिंह अपराध जगत में सक्रिय हो गया था।
देश में 100 से ज्यादा वारदातो को दिया अंजाम
सतपाल ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में ताबड़तोड़ वारदात कर चुका है। देश के कई राज्यों में 100 से ज्यादा सतपाल के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें हत्या, चोरी, लूट, डकैती और नकबजनी के मामले शामिल हैं।
हाई प्रोफाइल लाइफ जीने के लिए बना अपराधी
पुलिस जांच में सामना आया कि आरोपी मास्टरमाइंड सतपाल फौजी हाई प्रोफाइल लाइफ जीने के लिए इस तरह की वारदातें करता था। वह लग्जरी कार से आते और पॉश कॉलोनी वाले फ्लैट में जाकर वहां के सुरक्षाकर्मी और आसपास के लोगों को चकमा देकर वारदात को अंजाम देता था। इसके साथ ही गूगल में देश की पॉश वीआईपी कॉलोनी सर्च करने के बाद गिरोह के साथ सदस्यों के साथ रेकी करते और फ्लैट्स पर जाकर ताला लगे को चिन्हित कर वारदात करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि मास्टरमाइंड सतपाल जब भी अपने गिरोह के साथ गिरफ्तार होने के बाद जेल चला जाता था। जेल से छूटने के बाद वह वापस नई गैंग बनाकर इस तरह के से वारदात करता था।
पुलिस की जांच में सामना आया सतपाल फौजी 2021 में श्याम नगर जयपुर जेल से जाने के बाद जनवरी 2024 में 3 साल बाद जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसने करीब 15 वारदातों को अंजाम दिया था। फरवरी-मार्च महीने में वह जिला अजमेर के किशनगढ़ में तीन वारदातों का अंजाम दे चुका है। इसके साथ ही उसने राजस्थान के साथ एक अन्य राज्यों में भी वारदातें कबूली है।