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Rajasthan News:सीएम भजनलाल की पीएम मोदी से मुलाकात, कांग्रेस बोली नॉन रेजिटेंड मुख्यमंत्री

Wed, 25 Mar 2026 09:57 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

नवरात्रि पर सीएम भजनलाल शर्मा की पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सियासत गरमाई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उन्हें ‘नॉन-रेसिडेंट मुख्यमंत्री’ बताते हुए स्वास्थ्य और LPG संकट पर सरकार को घेरा।
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सीएम भजनलाल शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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नवरात्रि में दिल्ली दौरा: सीएम भजनलाल की पीएम मोदी से मुलाकात, कांग्रेस बोली नॉन रेजिटेंड मुख्यमंत्री

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जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का 25 मार्च का दिल्ली दौरा राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। नवरात्रि के पावन अवसर पर हुए इस दौरे के दौरान उनकी मुलाकात संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को चंदन की लकड़ी से बनी मां दुर्गा की प्रतिमा भेंट कर सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश भी दिया। इस मुलाकात के बाद राजस्थान की राजनीति में संभावित फैसलों और नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दिल्ली दौरे के बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अटकलें भी तेज हो गई हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की, जिससे इस दौरे की राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।

राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीएम भजनलाल के दिल्ली दौरे को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा-आज राजस्थान एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री जी जनता की पीड़ा समझने के बजाय 'नॉन-रेसिडेंट मुख्यमंत्री' की भूमिका निभा रहे हैं।
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 जूली ने कहा कि राजस्थान की चिकित्सा और व्यवस्था लगभग ढह चुकी है, जनता का जीवन खतरे में है, लेकिन मुख्यमंत्री जी का एक पैर हमेशा दिल्ली में ही रहता है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री जी को कॉंफिडेंट होकर नेतृत्व करना चाहिए था और स्वास्थ्य मंत्री जो को इस संकट को सुलझाने के लिए निर्देश देने चाहिए थे। 

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तुलना करने वालों को आईना दिखाने का समय
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के विजन की याद दिलाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो लोग तुलना की बात करते हैं, उन्हें एक बार अस्पतालों की जमीनी हकीकत देख लेनी चाहिए। कांग्रेस के समय जो स्वास्थ्य ढांचा खड़ा किया गया था, उसे भाजपा सरकार ने बर्बाद कर दिया है। आज प्रदेश कराह रहा है और मुख्यमंत्री दिल्ली घूम रहे हैं। अब विज्ञापनों के झूठ से जनता को और अधिक गुमराह नहीं किया जा सकता।
जूली ने कहा कि भाजपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं और RGHS योजना की हालत अब केवल चरमराहट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी तरह पतन की स्थिति में पहुंच चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों ने पिछले वर्ष ही चेतावनी दी थी कि भुगतान न मिलने पर सेवाएं रोकनी पड़ेंगी, लेकिन सरकार बेरुखी और संवेदनहीनता की मूर्ति बनी रही। आज प्रदेशभर में निजी अस्पतालों और दवा दुकानों के करोड़ों रुपये अटके पड़े हैं। इसकी सबसे बड़ी मार हमारे बुजुर्ग पेंशनर्स पर पड़ रही है। अब OPD में कैशलेस दवाएं मिलना बंद हो गई हैं और मरीज बिना इलाज के दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

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एलपीजी संकट पर सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार

जूली ने कहा कि राज्य में उपजे ऊर्जा और ईंधन संकट के चलते जनता गैस के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। उन्होंने कहा कि क्या ऐसे गंभीर समय में मुख्यमंत्री जी को सभी दलों को साथ लेकर सर्वदलीय बैठक नहीं बुलानी चाहिए थी? ताकि मिलकर इस संकट का समाधान निकाला जा सके।


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