अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती दरगाह में चल रहे उर्स मेले में जायरीन के मोबाइल और जेब साफ करने वाले महाराष्ट्र के मालेगांव और नासिक से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश किया गया।
अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में चल रहे उर्स मेले में जायरीन के मोबाइल और जेब साफ करने वाली गैंग का दरगाह थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया। पुलिस ने महाराष्ट्र के मालेगांव और नासिक से जुड़े इस गिरोह के 8 बदमाशों को पकड़ा और उनके पास से करीब 25 लाख रुपये कीमत के 54 मोबाइल फोन बरामद किए। ये लोग मेले की भीड़ का फायदा उठाकर चोरी कर रहे थे।
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दरगाह थानाध्यक्ष दिनेश कुमार जीवनानी ने बताया कि मेले में चोरी और जेबतराशी रोकने के लिए अजमेर एसपी वंदिता राणा ने विशेष निर्देश दिए थे। इसके तहत पुलिस ने टीम बनाई और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी। एसएचओ जीवनानी ने कहा कि पुलिस ने सूचना तंत्र का इस्तेमाल किया और होटल, धर्मशाला और लॉज संचालकों से लगातार जानकारी ली। इसी दौरान पता चला कि महाराष्ट्र की गैंग मेले में सक्रिय है और जायरीन के मोबाइल चुरा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की और 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में शेख हुसैन, नावेद अख्तर, साहिल शाह, शेख फैसल, फैजान खान, शेख रफीक, जावेद शाह और फैसल खान शामिल हैं। इनके पास से कुल 54 महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि ये सभी आदतन अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले भी कई चोरी और संपत्ति से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी किए मोबाइलों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। एसएचओ जीवनानी ने कहा कि जायरीन की सुरक्षा और उनके सामान की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता है। ऐसे अभियान आगे भी चलते रहेंगे, ताकि अपराधियों में डर रहे और श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में दरगाह जा सकें।