देश भर में वक्फ जायदाद को लेकर एक बड़ी जंग छिड़ी हुई है। बीजेपी हिंदू-मुस्लिम और मुस्लिमों की वक्फ जायदाद पर बुरी नजर रखी हुई है। खास बातचीत करते हुए कर्नाटक कैबिनेट मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान ने ये बातें कही। जमीर अहमद खान अपने काफिले के साथ अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे हुए थे। जहां उन्होंने बताया कि कर्नाटक में दानी लोगों ने अपने घर खानदान की परवाह किए बगैर मुस्लिम कौम की भलाई के लिए एक लाख 12 हजार एकड़ जमीन वक्फ की है, लेकिन 20 हजार तीन सौ एकड़ जमीन ही अब रह गई है। बाकी जमीन पर गैर कानूनी कब्जे हो चुके हैं। ऐसे में हम उसे खाली करवाने में जद्दोजहद कर रहे हैं।
अहमद ने कर्नाटक में बीजेपी पर जमकर निशाना भी साधा और कहा, बीजेपी वाले शरारत करते हैं और वो कुछ भी कर सकते हैं। एक हिंदुस्तान ही ऐसा मुल्क है, जहां तमाम मजहब के लोग प्यार मोहब्बत और भाईचारा से रहते हैं। बीजेपी के देश भर में विकास कार्य कम और हिंदू-मुस्लिम की बातें ज़्यादा दिखाई देती हैं। 2014 में जब नरेंद्र मोदी पीएम बने तो आवाम को उनसे बहुत उम्मीद थी की गरीबी में ज़िंदगी गुजारने वाले पीएम अब गरीबों की सुनेंगे और उनकी भलाई के काम अंजाम देंगे। लेकिन हिंदू-मुस्लिम के अलावा विकास, तरक्की की बातों को तवज्जों ही नहीं दी गई। ऐसे में अब अवाम भी समझ रही है कि बीजेपी बस अपनी हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है। जमीर अहमद ने नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के समर्थन वाली केंद्र सरकार को दो पिलर वाली हुकूमत बताया और कहा कि अगर इनमें से एक भी पिलर हिला तो मोदी हुकूमत गई।
कर्नाटक कैबिनेट मंत्री जमीर अहमद खान ने अजमेर पहुंचकर अपने काफ़िले के साथ सूफी हज़रत ख्वाज़ा मोईनुद्दीन हसन चिश्ति रहमातुल्लाह अलेही की दरग़ाह पर अक़ीदत की चादर और फूल पेश किए। इस मौके पर बेंगलुरु से मुस्लिम लीडर अल्ताफ़ खान और अकबर साहब भी मौजूद रहे। ज़मीर अहमद ने दरग़ाह ज़ियारत के बाद जुमे की नमाज़ भी अदा की और खास ओ आम ज़ायरीन में अपने हाथों से लंगर भी तक़सीम किया। इस मौके पर दरग़ाह के गद्दीनशीन सैय्यद बाकर हाशमी ने सब को ज़ियारत कराई और दस्तारबंदी कर ख़ुसूसी दुआओं से नवाजा और सैय्यद असग़र हाशमी, सैय्यद सलमान हाशमी ने मेहमानों को तबर्रुक पेश किया। इसी तरह सैय्यद शक़ील अहमद चिश्ती ने भी अल्ताफ़ खान को भी तबर्रुक भेंट किया।