अजमेर जिले के पीसांगन थाना क्षेत्र में किसान मुकेश रावत (33) की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे में सनसनीखेज खुलासा कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मामले को आत्महत्या प्रतीत कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस की गहन जांच और पूछताछ में सामने आया कि मुकेश की पत्नी विमला देवी (32) ने अपने प्रेमी, माइंस कारोबारी गोपाल सिंह रावत के साथ मिलकर कथित रूप से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने पूरी साजिश रची थी।
पत्नी सहित तीन लोग हिरासत में
पुलिस ने मामले में पत्नी सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या में गोपाल सिंह के ड्राइवर और एक अन्य साथी की भी भूमिका सामने आई है। सभी से पूछताछ जारी है।
अस्पताल पहुंचते ही गहराया शक
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 6 बजे परिजनों को फोन कर बताया गया कि मुकेश ने बुधवार रात करीब 10 बजे कुछ खा लिया था और उसकी तबीयत बिगड़ गई है। परिजन मौके पर पहुंचे तो मुकेश अचेत अवस्था में मिला। उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मामला संदिग्ध मानते हुए अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (जेएलएन) रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों द्वारा मामला संदिग्ध बताए जाने के बाद परिजनों का शक और गहरा गया।
दो साल के प्रेम-प्रसंग और धमकियों का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि विमला देवी और माइंस कारोबारी गोपाल सिंह के बीच पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। मुकेश को इस संबंध की जानकारी थी और उसे लगातार धमकियां भी मिल रही थीं। बताया गया कि करीब आठ दिन पहले मुकेश ने दोनों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया था, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया था। परिजनों का आरोप है कि गोपाल सिंह ने मुकेश को जान से मारने की धमकी भी दी थी। शुरुआत में उन्हें आशंका थी कि मुकेश को जहर देकर मारा गया है।
बच्चों को कमरे में बंद करने का आरोप
मुकेश के काका राम अवतार ने आरोप लगाया कि विमला देवी और गोपाल सिंह ने मिलकर सुनियोजित तरीके से हत्या की है। उन्होंने बताया कि मुकेश और विमला की शादी वर्ष 2010 में हुई थी। दोनों के पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। परिजनों के अनुसार, हत्या की वारदात से पहले सभी बच्चों को घर के एक कमरे में बंद कर दिया गया था, ताकि वे किसी प्रकार का विरोध न कर सकें।
आत्महत्या दिखाने के लिए रची गई कथित साजिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार रात करीब 11 बजे के बाद मुकेश की कथित रूप से गला दबाकर हत्या की गई। हत्या के बाद वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए मुकेश के शरीर और आसपास लाल रंग की दवा डाल दी गई, ताकि मामला किसी अन्य कारण से हुई मौत जैसा लगे। हालांकि घटनास्थल पर लाल रंग की दवा फैली मिलने से पुलिस को संदेह हुआ। वैज्ञानिक तरीके से जांच और सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी पत्नी टूट गई और उसने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली, ऐसा पुलिस का दावा है।
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पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका, घटना की पूरी साजिश और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।