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Ajmer News: प्रेमानंद महाराज की सेहतमंदी के लिए अजमेर शरीफ दरगाह में विशेष दुआ, सर्वधर्म एकता की मिसाल

Wed, 27 May 2026 08:40 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब होने की खबर के बाद अजमेर शरीफ दरगाह में उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई। इस दौरान मुस्लिम समाज और सर्व धर्म एकता समिति के लोगों ने भाईचारे और अमन-चैन का संदेश भी दिया।
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प्रेमानंद महाराज की सेहतमंदी के लिए दरगाह से दुआ
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विस्तार
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वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब होने की खबर सामने आने के बाद अजमेर शरीफ दरगाह में मुस्लिम समाज और सर्व धर्म एकता समिति के लोगों ने उनकी जल्द सेहतमंदी के लिए विशेष दुआ की।

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दरगाह शरीफ में लोगों ने प्रेमानंद महाराज की तस्वीर हाथों में लेकर ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर फूल और अकीदत की चादर पेश की। इस दौरान महाराज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ, देश में अमन-चैन, भाईचारे और मानवता की सलामती के लिए सामूहिक दुआ मांगी गई।

दरगाह के खादिम सैयद हसन चिश्ती ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह हमेशा से मोहब्बत, इंसानियत और सर्वधर्म एकता का केंद्र रही है। यहां आने वाला हर व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के दुआ मांगता है और सभी के लिए रहमत की कामना की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज देश में अध्यात्म और प्रेम का संदेश दे रहे हैं, इसलिए उनकी अच्छी सेहत के लिए दुआ करना इंसानियत और भाईचारे की पहचान है।
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वहीं सर्व धर्म एकता समिति के सचिव रफीक कादरी ने कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सद्भाव में बसती है। उन्होंने कहा कि संत-महात्मा समाज को प्रेम, शांति और नैतिकता की राह दिखाते हैं। ऐसे में किसी भी धर्म के संत की सेहत के लिए दुआ करना हम सभी का फर्ज है। उन्होंने कहा कि आज अजमेर शरीफ से पूरे देश को यह संदेश गया है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।
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दुआ के दौरान मौजूद लोगों ने ख्वाजा का हिंदुस्तान, मोहब्बत और भाईचारे का हिंदुस्तान के संदेश के साथ प्रेमानंद महाराज के जल्द स्वस्थ होकर अपने भक्तों के बीच लौटने की कामना की। इस दौरान दरगाह क्षेत्र में सौहार्द और आपसी एकता का अनूठा माहौल देखने को मिला, जहां अलग-अलग समुदायों के लोगों ने एक साथ खड़े होकर इंसानियत और प्रेम का संदेश दिया। अजमेर शरीफ दरगाह से उठी यह दुआ एक बार फिर देश की साझा संस्कृति और सर्वधर्म सद्भाव की मिसाल बन गई।

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