हिंदुस्तान समेत विदेशों में भी अपनी आवाज का जादू दिखाने वाले मशहूर सूफी सिंगर बिस्मिल आज अजमेर पहुंचे। शहर के एक निजी समारोह स्थल में बिस्मिल की महफिल कार्यक्रम से पूर्व प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि मेरा जीवन कठिनाई भरा रहा है और कठिनाइयों से ही इंसान सीखता है। मैं बहुत मेहनत करके यहां तक आया हूं।
सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है, जिसके सही इस्तेमाल ने कई लोगों को स्टार बना दिया है। ऐसे ही सूफी सिंगर बिस्मिल उर्फ मोहम्मद आसिफ भी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं, जो सूफी म्यूजिक को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। अमेरिका और कनाडा में अपनी आवाज का जादू बिखरने वाले सिंगर बिस्मिल रविवार को अजमेर पहुंचे, जहां एक निजी समारोह स्थल पर उनका बिस्मिल की महफिल कार्यक्रम होने वाला है।
इससे पूर्व उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पहले की ऑडियंस में एक सुकून था, जो कि आज की ऑडियंस में नहीं है। अगर नुसरत साहब गा रहे है तो उसमें 15 से 20 मिनट का तो सिर्फ अलाप ही है, आज लोग 15-20 मिनट का अलाप सुन ही नहीं सकते। बिस्मिल ने कहा कि आज के टाइम में लोगों को कुछ भी पसंद आ सकता है, आप कुछ नहीं कह सकते कि आपने जो बनाया है यह पसंद आएगा या नहीं। आप बस मेहनत करके बनाते रहिए 5-10 गानों में से एक-दो तो हिट होंगे ही।
उन्होंने कहा कि सिंगर के साथ पूरी टीम का महत्वपूर्ण रोल होता है, जिसकी वजह से कार्यक्रम सफल होता है । प्रेस वार्ता में बिस्मिल ने शेर ओ शायरी के साथ "मेरे बाद किसको सताओगे, मुझे किस तरह से मिटाओगे, मुझको तो बर्बाद किया है और किसे बर्बाद करोगे" गीत सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मशहूर सूफी सिंगर बिस्मिल
मशहूर सूफी सिंगर बिस्मिल