अजमेर के केकड़ी में लापरवाही और अमानवीयता का एक मामला सामने आया है। यहां के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में एक वृद्धा का शव नौ दिन तक डीप फ्रीजर में पड़ा रहा। मामले का खुलासा रविवार को हुआ जब कांग्रेस पार्षद रमाकांत दधीच एक काम से अस्पताल पहुंचे। यहां उन्हें इस बारे में जानकारी मिली।
केकड़ी के राजकीय अस्पताल में एक वृद्धा 15 फरवरी को भर्ती हुई थी। 19 फरवरी को उसकी मौत हो गई थी जिसके बाद शव को मोर्चरी के डीप फ्रीजर में रख दिया गया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। मृतका की पहचान भावना (71) पत्नी कांति लाल शर्मा के रूप में हुई है।
भीख मांग कर अपना जीवन यापन करती थी वृद्धा
सरवाड़ के दरगाह बाजार निवासी वृद्धा की तबीयत खराब होने के बाद स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। जानकारी के अनुसार वृद्धा के परिवार में कोई नहीं था। वह खानाबदोश है जो सरवाड़ के दरगाह बाजार इलाके में भीख मांगकर जीवन यापन करती थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप है।
मामला सामने आया तब हुआ शव का पोस्टमार्टम
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया। बाद में नगरपालिका के सहयोग से पुलिस ने मृत महिला के शव दाह संस्कार कराया।
घटनाक्रम में पुलिस की लापरवाही भी आई सामने
महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दे दी थी। लेकिन, पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए अस्पताल पहुंचने की जहमत तक नहीं उठाई। नियमानुसार पुलिस को तीन दिन तक परिजनों की तलाश कर शव का दाह संस्कार कराना था। लेकिन पुलिस ने नौ दिन बीतने के बाद भी परिजनों की तलाश की और न ही उच्च अधिकारियों को बताया।