कांग्रेसियों ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिन पर किया श्रमदान
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर बुधवार को अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सराधना रोड स्थित राजीव गांधी उद्यान में कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर साफ-सफाई की और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
यह भी पढ़ें- Jaipur News: दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, बच्चों को सुरक्षित घर भेजा गया; पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन
श्रमदान और श्रद्धांजलि के साथ याद किए गए राजीव गांधी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कैलाश झालीवाल और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की कांग्रेस प्रत्याशी रही द्रोपदी कोली ने कहा कि राजीव गांधी एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने भारत को 21वीं सदी की ओर अग्रसर करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने संचार क्रांति, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सुधार कर देश को आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया। साथ ही पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी उनका योगदान अविस्मरणीय रहा।
सद्भावना दिवस का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस महासचिव पार्षद नौरत गुर्जर, अजमेर उत्तर के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल व वाहिद मोहम्मद, अजमेर दक्षिण के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चंदन सिंह और लक्ष्मी धोलखेडिया ने कहा कि राजीव गांधी के जन्म दिवस को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि 20 अगस्त को मनाया जाने वाला सद्भावना दिवस आपसी विश्वास, करुणा और सहयोग की राह प्रशस्त करने वाला दिन है। यह दिन समाज में सौहार्द और एकता का संदेश देता है।
यह भी पढ़ें- Alwar News: अलवर पुलिस ने 40 लाख रुपये कीमत के 123 गुमशुदा मोबाइल लौटाए गए, मालिकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में याद
नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि राजीव गांधी को डिजिटल इंडिया का आर्किटेक्ट, सूचना-तकनीक और दूरसंचार क्रांति के जनक, पंचायती राज के प्रणेता तथा युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मताधिकार देने वाले महान नेता के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का सपना था कि भारत एक मजबूत, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी राष्ट्र बने, जो मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाए। उनकी हत्या 21 मई 1991 को हुई थी, जो देश के लिए अपूरणीय क्षति थी। लेकिन उनके आदर्श और उनकी सोच आज भी देश के मार्गदर्शक बने हुए हैं।