बादशाह की सवारी के दौरान आया हार्ट अटैक
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ब्यावर के ऐतिहासिक और परंपरागत बादशाह मेले के दौरान बुधवार को उस समय खुशी का माहौल गम में बदल गया, जब बादशाह की भूमिका निभा रहे चंद्रशेखर अग्रवाल का अचानक निधन हो गया। वे पूरे उत्साह और गरिमा के साथ शाही सवारी का नेतृत्व कर रहे थे लेकिन सवारी के बीच ही उन्हें सीने में तेज दर्द उठा और उनकी तबीयत बिगड़ गई।
जानकारी के अनुसार शाही सवारी जैसे ही महादेवजी की छतरी के पास पहुंची, तभी चंद्रशेखर अग्रवाल को अचानक असहज महसूस हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सवारी को रोका और एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए भरसक प्रयास किए लेकिन दुर्भाग्यवश उपचार के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस दुखद समाचार के पूरा माहौल शोक में बदल गया।
गौरतलब है कि चंद्रशेखर पिछले वर्ष भी बादशाह बने थे और इस वर्ष भी पूरे जोश और जिम्मेदारी के साथ इस भूमिका को निभा रहे थे। उनकी सरलता, मिलनसार स्वभाव और समाजसेवा के प्रति समर्पण के कारण वे शहर में बेहद लोकप्रिय थे। उनके अचानक निधन से न केवल मेला समिति बल्कि समूचा शहर स्तब्ध रह गया।
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घटना के बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अजमेरी गेट के बाहर लगे डीजे को बंद करवा दिया और जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तावित गुलाल युद्ध कार्यक्रम को भी निरस्त कर दिया गया। केवल औपचारिक फरमान जारी कर मेले के समापन की घोषणा की गई। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
बादशाह मेला समिति, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। शहरभर में शोक का माहौल छा गया और लोगों ने इसे मेले के इतिहास की सबसे मार्मिक घटनाओं में से एक बताया।
शहरवासियों ने कहा कि चंद्रशेखर अग्रवाल का जाना केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि परंपरा और उल्लास से जुड़े एक महत्वपूर्ण चेहरे का असमय विदा होना है। उनका नाम हमेशा बादशाह मेले की स्मृतियों में सम्मान के साथ याद किया जाएगा।