अजमेर में आयोजित गुर्जर सभा के दौरान सचिन पायलट के समर्थकों ने मंच पर मौजूद पर्यटन मंत्री शकुंतला रावत और राज्यमंत्री अशोक चांदना का काले कपड़े और जूते दिखाकर विरोध जताया। पायलट के समर्थक इतने उग्र हो गए कि उन्होंने मंच पर पानी की खाली बोतलें तक फेंकी।
गुर्जर आरक्षण आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अस्थियों का विसर्जन पुष्कर के 52 घाटों पर सोमवार शाम करीब चार बजे हुआ। इससे पहले पुष्कर के मेला ग्राउंड में MBC समाज (गुर्जर, रेबारी, राइका, देवासी, गड़रिया, बंजारा, गाडरी, गायरी, गाडोलिया लुहार) सभा हुई। इसमें खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना जैसे ही भाषण देने आए लोगों ने जूते और अन्य सामान फेंककर विरोध जताना शुरू कर दिया। समर्थक सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। वहीं मंत्री शंकुतला रावत को भी भाषण देने से मना किया गया।
सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे शुरुआत से ही लगने शुरू हो गए थे। उद्योग मंत्री शकुन्तला रावत भाषण देने आईं तो विरोध शुरू हो गया। उन्होंने करौली में कर्नल बैंसला के नाम पर कॉलेज खोलने की घोषणा की। समर्थकों ने उनको भाषण नहीं देने दिया। पायलट जिंदाबाद के नारे लगाए, फिर भी रावत ने भाषण दिया। इसके बाद खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना भाषण देने के लिए आए। समर्थकों को यह मंजूर नहीं था। उन्होंने जूते और अन्य सामान फेंककर हंगामा खड़ा कर दिया। फिर से पायलट जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। पुलिस और अन्य लोगों ने समर्थकों को शांत किया। चांदना को भाषण बीच में ही छोड़ना पड़ा।
हंगामे और जूते फेंकने के मामले में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विजय बैंसला ने कहा कि यह हादसा है। यह कम्युनिटी सेंटिमेंट नहीं। जो हुआ, वो एक कोने में बैठे कुछ लोगों ने किया। जिन्होंने जूते फेंके, दो चार जूते हमारे पास हैं। आकर ले जाएं। सचिन पायलट को लेकर नाराजगी थी कि वे नहीं आ पाए। वे बिजी रहे होंगे। लोग नहीं समझ पाए, जिनको समझ में आई, वो चुप थे। कार्यक्रम में दोनों पार्टियों के लोग थे, कोई विवाद नहीं।
वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कार्यक्रम में उपस्थित और अनुपस्थित नेताओं पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, सामाजिक कार्यक्रमों में लोग अपनी सुविधा के अनुसार आते हैं।