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Ajmer: विजयनगर ब्लैकमेल कांड को लेकर पीसांगन में आक्रोश, सकल हिंदू समाज के आह्वान पर कस्बा रहा संपूर्ण बंद

Sun, 23 Feb 2025 06:00 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पीड़ित छात्राओं पर जबरन धर्म परिवर्तन, हिजाब पहनने, रोजा रखने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाया गया, जिससे वे और उनके परिजन असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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बाजार कांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ब्यावर जिले के विजयनगर में हुए ब्लैकमेलिंग कांड के विरोध में पीसांगन में भी भारी आक्रोश देखा गया। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर कस्बे को संपूर्ण रूप से बंद रखा गया। बड़ी संख्या में लोग पथवारी स्थल पर एकत्रित हुए और आक्रोशित प्रदर्शन के साथ रैली निकालकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी राजीव बड़गूजर को ज्ञापन सौंपा।
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गंभीर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन सौंपने से पूर्व सकल हिंदू समाज के वक्ताओं ने संबोधित करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। इस दौरान तहसीलदार भागीरथ चौधरी, अजमेर ग्रामीण डिप्टी रामचंद्र चौधरी और थानाधिकारी प्रहलाद सहाय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा, जो स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए था।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि विजयनगर में मुस्लिम समुदाय के कुछ व्यक्तियों द्वारा एक संगठित गिरोह बनाकर हिंदू समुदाय की नाबालिग छात्राओं को मोबाइल का लालच देकर प्रेम जाल में फंसाने, यौन शोषण करने, अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया गया। इस गंभीर प्रकरण को पुलिस प्रशासन द्वारा लव जिहाद के बजाय साधारण अपराध मानकर पेश करने से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
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सुरक्षा और सीबीआई जांच की मांग
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पीड़ित छात्राओं पर जबरन धर्म परिवर्तन, हिजाब पहनने, रोजा रखने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाया गया, जिससे वे और उनके परिजन असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही, पूरे मामले की सीबीआई से विशेष जांच करवाने, आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की गहन जांच करने तथा प्रमुख षड्यंत्रकारियों व उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। न्यायालय में पीड़िताओं की पैरवी के लिए अनुभवी अधिवक्ताओं की नियुक्ति की अपील भी ज्ञापन में की गई।

राजस्थान बंद की चेतावनी
ज्ञापन में यह चेतावनी दी गई कि यदि 48 घंटे के भीतर इस ब्लैकमेल कांड की सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए गए और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो राजस्थान बंद का आह्वान किया जाएगा। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि कैलाश लांबा, प्रधान दिनेश नायक, पूर्व प्रधान अर्चना छाजेड़, भवानी शंकर तोषिक, हर्षिता सोनी, शुभम वैष्णव, राजकुमार सोनी, रमेश सिंह रावत, बलदेव गुर्जर, बृजेश उपाध्यक्ष सहित कई प्रमुख लोगों ने सभा को संबोधित किया।
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