उपद्रवियों पर कार्रवाई करती पुलिस।
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अजमेर के गंज थाना क्षेत्र के लौंगिया मोहल्ले में छोटे बच्चों के बीच हुए एक झगड़े ने सांप्रदायिक रूप ले लिया और गंभीर स्थिति का रूप धारण कर लिया। बच्चों के कंचे खेलने के दौरान हुए इस झगड़े ने जब तूल पकड़ा, तो दो समुदायों के लोग आपस में भिड़ गए। परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें छह से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में वाल्मीकि समाज की महिला भारती का परिवार भी शामिल है।
भारती ने बताया कि हमलावर तलवार और अन्य धारदार हथियार लेकर आए थे और उन्होंने ताबड़तोड़ हमला किया। इस हमले में उनके परिवार के करीब नौ लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। भारती ने यह भी आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में अवैध रूप से संदिग्ध लोग रहते हैं, जो घटनाओं को अंजाम देते हैं। घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार किया, लेकिन थाना परिसर में भी स्थिति बिगड़ गई। गुस्साए लोगों ने थाने में ही हमलावरों की जमकर पिटाई कर दी, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इस घटना के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों ने गंज थाना का घेराव किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया।
वर्तमान में गंज थाना क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। थाना प्रभारी महावीर सिंह ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया है। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, लेकिन पुलिस की तत्परता और बढ़ी हुई सुरक्षा के चलते स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस तरह की घटनाओं को दोबारा न होने दिया जाए और शांति व्यवस्था को बनाए रखा जाए।