अजमेर विकास प्राधिकरण की अतिक्रमण पर कार्रवाई।
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अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) ने शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए अजयसर रोड पर स्थित मकानों और चारदीवारी को हटाने की कार्रवाई की। इस अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई सुचारू रूप से संपन्न हो सकी। हालांकि, इस दौरान कई अतिक्रमणकारियों ने विरोध भी किया, लेकिन अधिकारियों की सख्ती के आगे उन्हें झुकना पड़ा।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
ADA के भू-अभिलेख निरीक्षक संजीव गुप्ता ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था। प्रशासन ने उन्हें समय सीमा के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। इसके चलते प्रशासन को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। जब अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने मकान मालिकों से समझाइश कर मकान खाली करवाए। कुछ स्थानों पर मकान मालिकों ने विरोध जताया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी और अधिकारियों की सख्ती के कारण कार्रवाई बिना किसी बड़ी बाधा के पूरी की गई।
प्रशासन का सख्त रुख
ADA अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अजमेर शहर में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे अतिक्रमणों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, सरकारी जमीनों या अन्य अवैध कब्जों को हटाने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रभावित लोगों में नाराजगी
इस कार्रवाई से प्रभावित लोगों में असंतोष और नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने प्रशासन पर अचानक कार्रवाई करने का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन का कहना है कि उन्हें पहले से ही नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद अगर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो यह कार्रवाई आवश्यक थी।
शहर में हड़कंप
ADA की इस कार्रवाई के बाद अन्य अतिक्रमणकारियों में भी हड़कंप मच गया है। अब वे अपने अतिक्रमण को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं और कुछ लोगों ने खुद ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है। प्रशासन का यह कदम अन्य अतिक्रमणकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अभियान से साफ हो गया है कि अजमेर विकास प्राधिकरण शहर को अवैध अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है, जिससे शहर के विकास में अवरोध पैदा करने वाले अवैध निर्माणों को रोका जा सके।