गौहर चिश्ती को कोर्ट में ले जाते हुए पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अजमेर में दो साल पहले दरगाह के मुख्य निजाम गेट के बाहर 'सिर तन से जुदा' के नारे लगाने वाला गौहर चिश्ती को भले ही मंगलवार को न्यायालय ने बरी कर दिया हो। लेकिन फिलहाल गौहर चिश्ती जेल से रिहा नहीं हुआ है। उसे एक अन्य मुकदमे में जमानत मिलने का इंतजार है।
बता दें कि बुधवार को एक अन्य मुकदमे में गौहर चिश्ती को अवकाश कालीन कोर्ट में पेश किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय में लाया गया। गौहर चिश्ती के एडवोकेट हाजी फय्याज खान ने बताया कि साल 2022 कोरोना काल में गौहर चिश्ती बेसुध हालत में जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचा था। जहां गौहर चिश्ती के परिजन और अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों के बीच इलाज की बात को लेकर हंगामा खड़ा हो गया था। इस पर स्ट्राइक पर चल रहे चिकित्सकों ने गौहर चिश्ती व उनके परिजनों के खिलाफ चिकित्सा अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
गौरतलब है कि इस प्रकरण के कुछ दिनों बाद ही दरगाह की सीढ़ियों पर सिर तन से जुदा वाले नारे के बाद वह चिश्ती फरार हो गया था। उसे 20 दिन बाद हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया था, तब से वह जेल में है। इसी वजह से अस्पताल में हुई कहासुनी वाले प्रकरण में सुनवाई नहीं हो सकी। अब गौहर चिश्ती सिर तन से जुदा वाले मामले में बरी हो चुका है। उसके बाद आज चिकित्सकों वाले मुकदमे में गौहर चिश्ती को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां सुनवाई के लिए कल की तारीख मुकर्रर की गई है।
गौहर के वकील ने कहा कि यह मामला जमानती है। इस मामले में गौहर चिश्ती की जमानत जब्त थी। क्योंकि पिछले दो साल से गौहर चिश्ती जेल में बंद है। उन्होंने कहा कि कल इस मामले में गौहर चिश्ती को जमानत मिलने की उम्मीद है। वहीं, गौहर चिश्ती ने न्यायालय के फैसले पर कहा कि उनको जैसी उम्मीद थी, फैसला वैसा आया है। मैं न्यायालय का शुक्रिया अदा करूंगा।