पुलिस गिरफ्त में आरोपी प्रकाशचंद जैन उर्फ पीसी जैन।
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50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में अजमेर की गंज पुलिस ने 72 साल के बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोपी 5 साल से फरार चल रहा था, लेकिन विदेश भागने की फिराक हैदराबाद एयरपोर्ट पहुंचा तो पुलिस ने उसे धर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ट्यूलिप ग्लोबल कंपनी में डायरेक्टर है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर रखा था।
पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी प्रकाशचंद जैन उर्फ पीसी जैन जयपुर का रहने वाला है। पीसी जैन और उसकी पत्नी शशि जैन के खिलाफ अजमेर जिले के रूपनगढ़ और किशनगढ़ समेत देशभर 100 से ज्यादा केस दर्ज है। पीसी जैन पर अजमेर में 5 हजार से ज्यादा निवेशकों और एजेंटों से रुपये हड़पने का आरोप है। दरगाह सीओ गौरीशंकर ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ गंज थाने में फॉयसागर रोड निवासी सावत सिंह ने केस दर्ज कराया था। आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
धोखाधड़ी करने आरोपी ने खोले थे ऑफिस
सीओ गौरी शंकर ने बताया कि पुलिस की टीम आरोपी पीसी जैन से पूछताछ कर रही है। उसके राजधानी जयपुर में भी कई ऑफिस हैं। उसके सभी ऑफिसों की जांच की जाएगी। उसके करीब 6 बैंक अकाउंट के बारे में पड़ा चला है। इन बैंक अकाउंट्स की डिटेल्स मांगी गई है। इन अकाउंट्स से करोड़ों रुपये का लेनदेन मिल सकता है।
सीओ गौरी शंकर ने बताया कि जयपुर के रहने वाले आरोपी पीसी चंद जैन ने अपने रिश्तेदार रवि जैन के साथ मिलकर 2004 में कंपनी बनाई थी। कंपनी में मेंबर्स को जोड़कर कमीशन देने का लालच दिया जाता था। धीरे-धीरे उसकी कंपनी से लाखों लोग जुड़ थे, बाद में दोनों ने कंपनी बंद कर दी और ट्यूलिप ग्लोबल कंप्लीट को शुरू किया। इसके जरिए भी आरोपियों ने लोगों से ठगी की।
ग्रामीणों के साथ की धोखाधड़ी
इसके बाद आरोपी पीसी जैन ने अहमदाबाद में ट्यूलिप ग्लोबल मार्ट के नाम से कंपनी बनाई। इसमें कंपनी में पीसी उसकी पत्नी शशि और रवि जैन डायरेक्टर थे। इस तरह से आरोपियों ने लगातार कई कंपनियां खोली और उनके जरिए धोखाधड़ी कर उन्हें बंद करते गए। आरोपी शहरों की बजाय गांव के भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। प्रीमियम और इंश्योरेंस के पैसे के चक्कर में ग्रामीण इनके झांसे में जल्द आ जाते थे। कंपनी के एजेंट निवेशकों से शुरुआत में 3200 रुपए का निवेश कराते थे और उन्हें कैरी बैग के साथ ब्रांडेड कंपनी का सूट का कपड़ा गिफ्ट दिया जाता था। एजेंट निवेशक को पांच साल के इंश्योरेंस की गारंटी देते थे। कहते थे कि इस बीच अगर, निवेशक की मौत हो गई तो उसके घरवालों को पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। निवेशकों से पैसा समेटकर कंपनी में निवेश कराने वाले एजेंटों को विदेश यात्रा, लग्जरी कार और मोटी राशि कमीशन के तौर पर देने का वादा किया गया था।