फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौत को धता बताकर लौटा 'कान्हा': 45 मिनट तक मलबे में दबी रही मासूम की सांसें, रोने की आवाज बनी जिंदगी की उम्मीद

Thu, 09 Jul 2026 10:14 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

45 मिनट तक मलबे के नीचे दबे रहने के बाद भी डेढ़ साल के कान्हा ने जिंदगी का साथ नहीं छोड़ा। मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में चले रेस्क्यू अभियान ने आखिरकार उसे और उसके माता-पिता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
 
विज्ञापन
मलबे में दबे कान्हा को 45 मिनट की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जाको राखै साईयां..... मार सकै न कोय! जिले के किशनगढ़ में कल रात भरभराकर गिरे मकान के मलबे में दबे एक ही परिवार के तीन सदस्यों में शामिल डेढ़ साल के कान्हा पर यह बात बिल्कुल फिट बैठती है। 

विज्ञापन




कल देर रात डेढ़ बजे हुए हादसे के बाद अंधेरा होने के कारण शुरुआत में रेस्क्यू में दिक्कत आ रही थी, लेकिन मौके पर पहुंचे मदनगंज थाने के एएसआई सत्येंद्र सिंह राठौड़ और स्थानीय लोगों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर मलबे को हटाना शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबे में दबे कान्हा को करीब 45 मिनट बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Rajasthan: आधी रात बारिश बनी आफत, भरभराकर गिरा मकान; मलबे में दबा डेढ़ साल का मासूम समेत पूरा परिवार
विज्ञापन


एएसआई सत्येंद्र सिंह ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान टीम सबसे पहले मलबे के नीचे दबे डेढ़ साल के कान्हा तक पहुंची। बच्चा करीब 45 मिनट तक मलबे के अंदर दबा रहा। जब उसे बाहर निकाला गया तो उसकी सांसें चल रही थीं और वह रो रहा था।

मासूम को सुरक्षित निकालने के बाद टीम ने रेस्क्यू जारी रखा और अगले 45 मिनट में बच्चे के माता-पिता, राहुल वाल्मीकि (28) और सपना (26) को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। करीब डेढ़ घंटे चले इस ऑपरेशन के बाद तीनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर कच्चे और जर्जर मकानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें