नामांकन दाखिल करने के अगले ही दिन प्रत्याशी रिखब रील का निधन
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नगर परिषद चुनाव की तैयारियों के बीच किशनगढ़ के वार्ड 37 में दुखद घटना सामने आई है। नगर परिषद के पूर्व पार्षद और इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले रिखबचंद रील का मंगलवार को अचानक निधन हो गया। उन्होंने सोमवार को ही चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। उनके निधन की खबर से परिवार, समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों में शोक की लहर दौड़ गई।
एक दिन पहले ही दाखिल किया था नामांकन
रिखबचंद रील पूर्व में नगर परिषद के वार्ड नंबर 37 से भाजपा पार्षद रह चुके थे और किशनगढ़ की स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे थे। इस बार भी उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी की थी और 31 अगस्त को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के बाद वे अपने समर्थकों और परिचितों से मुलाकात कर चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा कर रहे थे। इसके ठीक अगले दिन उनके निधन की खबर से समर्थकों को गहरा सदमा लगा।
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बहन के घर अचानक बिगड़ी तबीयत
पारिवारिक रिश्तेदार गोपीचंद लखन के अनुसार नामांकन दाखिल करने के बाद रिखबचंद अपनी बहन के घर गए थे। रात के समय अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने स्थानीय डॉक्टर को घर बुलाया। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती तौर पर दिल का दौरा पड़ने की बात सामने आई है। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि पुलिस की जांच और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
चुनावी प्रक्रिया पर पड़ सकता है असर
नामांकन दाखिल करने के अगले ही दिन प्रत्याशी की मृत्यु होने से वार्ड नंबर 37 की चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल नामांकन पत्रों की संवीक्षा और नाम वापसी की प्रक्रिया चल रही है। आगे की चुनावी कार्रवाई रिटर्निंग ऑफिसर और राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार तय होगी।
रिखबचंद रील के निधन की खबर मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, स्थानीय व्यापारियों, समाजसेवियों और समर्थकों ने उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके अचानक निधन से वार्ड में चुनावी गतिविधियां भी अचानक थम गई हैं।