जयपुर में लालकोठी क्षेत्र की सरकारी जमीन पर कब्जे और उसे गैरकानूनी तरीके से बेचने के मामले में 95 वर्षीय एक महिला को तीन साल की सजा सुनाई गई है।
दोषी महिला कैलाशवती के साथ वाल्मिकी गृह निर्माण सहकारी समिति के अरविंद कुमार को भी मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-दो, जेडीए ने यह सजा सुनाई।
साथ ही इन दोनों पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने अपील के लिए 26 जून तक सजा स्थगित कर दी है।
एंबुलेंस में कोर्ट पहुंची महिला
बेहद उम्रदराज हो चुकीं कैलाशवती अदालत में सुनवाई के लिए एंबुलेंस से अदालत में पहुंची। वह व्हील चेयर पर थीं। इस उम्र में सजा मिलने पर कैलाशवती अदालत में ही रोने लगीं।
क्या है मामला
मामला 15 साल पुराना है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अनुसार वर्ष 1960 से इस जमीन पर कैलाशवती का कब्जा है।
बाद में कैलाशवती ने वाल्मिकी गृह निर्माण सहकारी समिति के अरविंद कुमार को यह जमीन बेच दी थी। फिर सोसायटी ने जमीन पर भूखंड काटकर बेच दिया। अब इस पर निर्माण हो गए हैं।
जेडीए ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और गैर कानूनी तरीके से जमीन बेचने पर दोनों को धारा 72 का नोटिस जारी किया था और वर्ष 1998 में कोर्ट में चालान पेश किया था।
वहीं, वृद्घ महिला के परिजनों ने जेडीए के आरोपों से इंकार करते हुए कहा की यह जमीन जेडीए ने ही पट्टे पर दी थी।