78 साल की भीखी देवी लगातार सातवीं बार बनीं सरपंच
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राजस्थान के बाड़मेर जिले की बायतु पंचायत समिति क्षेत्र में स्थित वीरेंद्र नगर ग्राम पंचायत से 78 वर्षीय भीखी देवी लगातार सातवीं बार निर्विरोध सरपंच निर्वाचित हुई हैं। इस ग्राम पंचायत में पिछले चार दशकों से चुनावी मुकाबला, प्रचार और मतदान की स्थिति नहीं बनी है। पूरे गांव ने एक बार फिर एकजुट होकर पंचायत की जिम्मेदारी सर्वसम्मति से भीखी देवी को सौंप दी है।
चार दशकों से जारी है निर्विरोध जीत
भीखी देवी पहली बार वर्ष 1994-1995 में इस ग्राम पंचायत की सरपंच चुनी गई थीं। इसके बाद से लगातार उनके सामने किसी भी प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया। इस बार भी नामांकन प्रक्रिया तथा नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने तक उनके मुकाबले कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं आया। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने उन्हें आधिकारिक रूप से निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। इस ग्राम पंचायत की खास बात यह भी है कि केवल सरपंच ही नहीं, बल्कि सभी सात वार्डों के वार्ड पंच भी सर्वसम्मति से निर्विरोध चुने गए हैं। इसके चलते वीरेंद्र नगर में मतदान कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी और पूरी ग्राम पंचायत का गठन बिना चुनाव के संपन्न हो गया।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमाराम की हैं पत्नी
भीखी देवी राजस्थान कांग्रेस के कद्दावर नेता, छह बार विधायक, पूर्व कैबिनेट मंत्री तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे हेमाराम चौधरी की पत्नी हैं। इसके बाद भी ग्रामीणों के अनुसार वह बेहद सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत करती हैं। अपने पिछले कार्यकालों में बतौर सरपंच उन्होंने गांव के चौमुखी विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय मुद्दों को हल करने का काम किया है। ग्रामीणों के बीच बने इसी विश्वास और सेवा भाव के कारण गांव के लोग हर चुनाव में बिना किसी विरोध के उन्हें अपना मुखिया चुनते आ रहे हैं।
दिवंगत बेटे के नाम पर बनी नई पंचायत
बायतु पंचायत समिति की इस ग्राम पंचायत का नाम पहले बायतु भीम था, जिसे बाद में नवसृजित करके वीरेंद्र नगर नाम दिया गया। इस नई ग्राम पंचायत का नामकरण हेमाराम चौधरी और भीखी देवी के इकलौते पुत्र डॉक्टर वीरेंद्र चौधरी के नाम पर किया गया है। डॉक्टर वीरेंद्र पेशे से चिकित्सक थे और कम उम्र में बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था। ग्राम पंचायत का नाम बदलने और पुनर्गठन के बाद भी ग्रामीणों ने एक बार फिर भीखी देवी के हाथों में ही गांव की कमान सौंपी है।