किसानों के लिए 736 करोड़ का ब्याज अनुदान स्वीकृत
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मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए ब्याज मुक्त फसली ऋण अनुदान योजना के तहत 560 करोड़ रुपए की अनुदान राशि और क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान योजना के तहत 176 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इस निर्णय से राज्य के किसान इंटरेस्ट फ्री लोन प्राप्त कर रहे हैं। इससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी और जीवन स्तर बेहतर होगा।
दीर्घकालीन कृषि सहकारी ऋण समय पर चुकाने पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान
दीर्घकालीन कृषि सहकारी ऋण समय पर चुकाने वाले किसानों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। गहलोत ने अनुदान प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। उन्होंने खेत पर आवास बनाने वाले किसानों को भी आवास ऋण पर अनुदान देने की स्वीकृति दी है। इसमें 1 अप्रैल 2014 से वितरित दीर्घकालीन कृषि सहकारी ऋणों को निश्चित समय पर चुकाने वाले किसानों को राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा।
साथ ही वित्तीय वर्ष 2023-24 से अपने खेत पर आवास बनाने के लिए आवास ऋण लेने वाले किसानों को भी प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। बजट 2023-24 में गहलोत ने किसानों के लिए ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण योजना और ब्याज अनुदान के संबंध में घोषणा की थी।
1.25 लाख से ज्यादा किसानों को हाई क्वालिटी के 35 हजार क्विंटल बीज फ्री देगी सरकार
अब राज्य सरकार 15 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश के 1.25 लाख से ज़्यादा किसानों को उच्च गुणवत्तापूर्ण 35 हजार क्विंटल बीज निःशुल्क उपलब्ध कराएगी। इससे लगभग 5.89 लाख क्विंटल बीज का उत्पादन होगा और किसानों को संबल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बीज वितरण और उत्पादन से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। योजना में गेहूं, जौ, चना, ज्वार, सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, मोठ और उड़द की फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे 10 वर्ष से कम अवधि की उन्नत किस्मों के बीजों का उत्पादन होगा।
इस निर्णय से प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन में वृद्धि होगी और कृषि उत्पादता बढ़ेगी। 15 करोड़ रुपए की राशि कृषक कल्याण कोष से वहन की जाएगी। राजस्थान बीज उत्पादन एवं वितरण मिशन में बीज उत्पादन बढ़ाने , लघु और सीमांत कृषकों को निःशुल्क बीज उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री बीज स्वावलम्बन योजना की शुरूआत की गई थी।