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28 साल से नहीं हुआ डकैत का अंतिम संस्कार, पाकिस्तान से आएगा कटा सिर

Mon, 19 Sep 2016 02:41 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : times of india
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राजस्‍थान के जैसलमेर में एक शव 28 साल से इस इंतजार में है कि पाकिस्तान से उसका कटा सिर आ जाए तो उसका अंतिम संस्कार किया जा सके। लेकिन तीन दशक होने के बाद भी न कातिलों का पता है न उस कटे सिर का। 
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पुलिस की फाइलों में भी कब का यह मामला दफन हो चुका है लेकिन कर्णा भील का परिवार है कि उसकी आस खत्म नहीं होती। चलिए अब पूरा मामला समझाने के लिए आपको फ्लैशबैक में ले चलते हैं। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मामला 28 साल पुराना है जब पूर्व डकैत कर्णा भील की 2 जनवरी 1988 को उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह अपनी ऊंट गाड़ी से मवेशियों के लिए चारा लेने जा रहे थे। 
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चार लोगों ने उन पर पीछे से हमला किया ‌था और उनकी हत्या कर सिर काटकर अपने साथ ले गए थे। बताया गया ‌था कि कातिलों की उनसे पुरानी रंजिश ‌थी और उसी का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की गई, कातिल उनका सिर लेकर बार्डर पार कर पाकिस्तान चले गए थे और धड़ को ऊंटी गाड़ी में ही छोड़ दिया। 

बाद में ऊंट इस गाड़ी में शव को लेकर कर्णा के एयर फोर्स कालोनी स्थित उनके घर ले गया। हत्या और बिना सिर के शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और जांच भी लेकिन कर्णा भील के शव का पता नहीं चल सका। 
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- फोटो : Getty
नतीजतन बिना सर के परिवार ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया और उनके शव को घर के नजदीक ही यह सोचकर दफन कर दिया कि जब सर मिलेगा तब अंतिम संस्कार की रस्म पूरी कर ली जाएगी। लेकिन तीन दशक बीतने को है आज तक उनके सिर का पता नहीं चल सका। 

कर्णा के बेटे बोधा राम बताते हैं कि उनके परिवार को उम्‍मीद है कि एक दिन उनका सिर वापस मिलेगा जिसके बाद वह अपने पिता का अंतिम संस्कार करेंगे। कर्णा भील के बारे में बताया जाता है कि 8 फुट लंबी मूंछों के कारण उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज था। 

हालांकि उन्हें क्षेत्र का बड़ा डकैत माना जाता है जिसकी वजह से उन्हें जेल की सजा भी हुई थी। बेटे बोधा बताते हैं कि उनके पिता बहुत अच्छा नाद बजाया करते थे, इतना अच्छा कि एक बार पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह भी उनसे नाद की धुनें सुनने के लिए जैसलमेर आए थे। 

नाद सुनकर वह इतना मंत्रमुग्‍ध हुए कि उनकी बाकी सजा माफ कर दी। वहीं पुलिस के अनुसार कर्णा की हत्या में चार लोग शामिल थे जिनमें पाकिस्तान के सत्तो निवासी कयाम, मेहराब खान और जैसलमेर के पेथोदाई निवासी हुसैन और रेदमल शामिल थे। बताया जाता है कि कर्णा ने कयाम के पिता इलयास की हत्या कर दी थी। उसी का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया। 
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