राजस्थान के जैसलमेर में एक शव 28 साल से इस इंतजार में है कि पाकिस्तान से उसका कटा सिर आ जाए तो उसका अंतिम संस्कार किया जा सके। लेकिन तीन दशक होने के बाद भी न कातिलों का पता है न उस कटे सिर का।
पुलिस की फाइलों में भी कब का यह मामला दफन हो चुका है लेकिन कर्णा भील का परिवार है कि उसकी आस खत्म नहीं होती। चलिए अब पूरा मामला समझाने के लिए आपको फ्लैशबैक में ले चलते हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मामला 28 साल पुराना है जब पूर्व डकैत कर्णा भील की 2 जनवरी 1988 को उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह अपनी ऊंट गाड़ी से मवेशियों के लिए चारा लेने जा रहे थे।
चार लोगों ने उन पर पीछे से हमला किया था और उनकी हत्या कर सिर काटकर अपने साथ ले गए थे। बताया गया था कि कातिलों की उनसे पुरानी रंजिश थी और उसी का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की गई, कातिल उनका सिर लेकर बार्डर पार कर पाकिस्तान चले गए थे और धड़ को ऊंटी गाड़ी में ही छोड़ दिया।
बाद में ऊंट इस गाड़ी में शव को लेकर कर्णा के एयर फोर्स कालोनी स्थित उनके घर ले गया। हत्या और बिना सिर के शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और जांच भी लेकिन कर्णा भील के शव का पता नहीं चल सका।