फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhunjhunu: पिलानी नगर पालिका ईओ के समर्थन में आए 27 पार्षद, ईओ ने कहा- गलत हूं तो विभाग करेगा कार्रवाई

Tue, 16 May 2023 09:45 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू

सार

पिलानी नगर पालिका में ईओ को हटाने और यथावत रखने के मुद्दे पर धड़ों में बंटे पार्षदों में जमकर खींचतान देखी जा रही है। 
विज्ञापन
ईओ भरत हरितवाल - फोटो : Amar Ujala Digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झुंझुनूं जिले की पिलानी नगर पालिका के ईओ को हटाने के मामले में खोले गए मोर्चे पर पहली बार ईओ भरत हरितवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर मैं गलत हूं तो विभाग जांच कर करवाई करेगा।

विज्ञापन


ईओ भरत हरितवाल ने पार्षदों की ओर से उनकी शिकायत करने और फिर पार्षदों के समर्थन करने के बारे में किए गए सवाल पर कहा कि ये सब जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। दरअसल पिलानी नगर पालिका ईओ को हटाने के लिए पार्षदों ने डीएलबी संयुक्त सचिव को ज्ञापन लिखा था। इसमें ईओ पर अपमानजनक व्यवहार और पैसे लेकर कार्य करने का आरोप लगाया गया। वहीं, पिलानी नगर पालिका ईओ के समर्थन में भी खुलकर सामने आए 35 में से 27 पार्षदों ने विधायक जेपी चंदेलिया को ईओ को यथावत रखने के लिए पत्र लिखा। 

ईओ को हटाने और यथावत रखने के मुद्दे पर धड़ों में बंटे पार्षदों में जमकर खींचतान
पिलानी नगर पालिका में ईओ को हटाने और यथावत रखने के मुद्दे पर धड़ों में बंटे पार्षदों में जमकर खींचतान देखी जा रही है। जहां एक धड़े के पार्षदों ने डीएलबी के संयुक्त सचिव को दिए शिकायती पत्र में ईओ को हटाने की मांग की थी। वहीं, पालिकाध्यक्ष हीरालाल नायक के नेतृत्व में एकजुट हुए पार्षदों ने ईओ को यथावत रखने की मांग की है। विधायक जेपी चंदेलिया को लिखे पत्र में चेयरमैन ने ईओ हरितवाल के काम को संतोषजनक बताते हुए उन्हें ईमानदार और बिना किसी भेदभाव के अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन करने वाला अधिकारी बताया है। 
विज्ञापन


सांठ गांठ का खेल 
साथ ही आरोप लगाया है कि नगर पालिका के कुछ पार्षदों ने निजी हितों की पूर्ति न होने पर ईओ की शिकायत की है, जो कि निराधार और बेबुनियाद है। दिलचस्प बात ये रही कि ईओ के पक्ष में हस्ताक्षर करने वाले कुछ पार्षदों में वो भी शामिल हैं, जो पहले उन्हें हटाने की मांग कर रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि यह हृदय परिवर्तन अचानक कैसे हो गया? या इसमें भी कोई सांठ गांठ का खेल ईओ और पार्षदों में हो गया है। क्या पहले ईओ पर किसी बात के लिए दवाब बनाने की कोशिश की जा रही थी, ताकि राजनीतिक रोटियां सेकी जा सकें या पार्टी विशेष से ऊपरी दबाव पार्षदों पर आया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें