राजस्थान से होने वाली मानव तस्करी की घटनाओं का सिलसिला नहीं थम रहा है। जयपुर और भरतपुर में दो दिनों में 268 बच्चों को ट्रेनों से मुक्त कराया गया। पुलिस के अनुसार सभी बच्चे आठ से 12 वर्ष के बीच के हैं।
ये बच्चे जयपुर से पश्चिमी बंगाल और बिहार ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने 22 लोगों को भी हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है।
जयपुर में रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह तीन बजे जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन से 57 बच्चे और 10 लोगों को जीआरपी ने पकड़ा है। वहीं, भरतपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम स्यालदाह एक्सप्रेस से जीआरपी ने मानव तस्करी के लिए ले जाए जा रहे 43 बच्चों को मुक्त कराया और 12 लोगों को हिरासत में लिया है।
इससे पहले शनिवार को भी जयुपर से अजमेर-सियालदाह ट्रेन में 168 बाल मजदूरों को बाहर ले जा रहे गिरोह को भरतपुर में पकड़ा गया था। बच्चों को स्वयंसेवी संस्थानों में भेजा गया है और इनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
रविवार को मिले बच्चों को जीवन निर्माण संस्थान में भेजा गया है जबकि शनिवार को मुक्त कराए गए 168 बचों को ‘अपना घर’ संस्थान में भेजा गया। इधर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आलोक शर्मा ने बताया कि बच्चों की उम्र 8 से 12 वर्ष है। उन्होंने बताया कि इस जांच पड़ताल के लिए बिहार और अन्य राज्यों के अधिकारियों का दल सोमवार को भरतपुर पहुंचेगा।
इसके अलावा जयपुर तथा दिल्ली से भी बच्चों की देखभाल के लिए काउंसलर भरतपुर आ जाएंगे। रेलवे स्टेशन पर हुई कार्रवाई के दौरान उनके अलावा बाल कल्याण समिति के सदस्य रतनलाल, गंगाराम पाराशर, मंजू श्रीवास्तव के अलावा समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, थाना जीआरपी प्रभारी राजाराम लोग मौजूद थे।