राजस्थान सरकार के लिए विधानसभा का प्रश्नकाल काफी तनावभरा होने वाला है। इस बार विधानसभा में प्रश्नकाल के लिए 2500 से अधिक सवाल लगाए जा चुके हैं, जो अपने आप में रिकार्ड माना जा रहा है। मजे की बात यह है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से रूठे भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने अकेले 100 सवाल दागे हैं। विपक्ष ने भी सवालों की झड़ी लगाई हुई है। लेकिन अपनों के सवालों के जवाब देने में सरकार को खासी चुनौति पेश आएगी।
इसका लाभ कांग्रेसी विधायक भी जमकर उठाएंगे। विधानसभा के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। मार्च के दूसरे सप्ताह में प्रदेश का बजट पेश हो सकता है। बीते दिनों विभन्न मंचों पर अनेक बार कई भाजपा विधायकों की सरकार से नाराजगी सामने आ चुकी है।
राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल कल्याण सिंह के अभिभाषण के साथ बृहस्पतिवार से शुरू हो जाएगा। सूत्रों की माने तों विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष के विधायक रणनीति बनाने में व्यवस्त हैं। पार्टी विधायक दल की बैठक में तीस विधायक शामिल नहीं हुए थे, इतनी बड़ी संख्या में विधायक बैठक से नदारद रहे। सत्तारूढ भाजपा के भी कई विधायक इस बार अपनी ही सरकार को निशाने पर लेने पर आमादा है।
सरकार के मंत्रियों को विभिन्न कारणों से अपने ही कई विधायकों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। जिन विधायकों को सरकार से कोई महत्वपूर्ण पद नहीं मिला है, वे पूरी भड़ास निकाल सकते हैं। घनश्याम तिवाड़ी सहित सत्ता पक्ष के विधायकों के सवालों पर सरकार का घिरना तय माना जा रहा है। तिवाड़ी सहित प्रहलाद गुंजल, जोगाराम पटेल, ज्ञानदेव आहूजा, दिया कुमारी जैसे कई विधायकों द्वारा सरकार को परेशानी में डालने वाले सवाल पूछे गए हैं। जयपुर के पूर्व राजघराने से ताल्लुक रखनेवाली विधायक दिया कुमारी जयपुर में राजमहल पैलेस होटल प्रकरण में अपनी ही सरकार से भिड चुकी है।