एक तरफ उत्तराखंड में 9 हजार लोगों को अब भी निकाला जाना बाकी है, उसी के साथ साथ अलग अलग राज्यों से आकड़ें सामने आ रहे हैं कि हजारों लोगों की अब भी कोई खबर नहीं है।
उत्तराखंड की केदारनाथ घाटी में तेज बरसात से हुई त्रासदी के बाद प्रदेश के करीब पांच हजार पीडितों में से अब तक सेना की मदद से मात्र 453 लोगों को ही बचाया जा सका है।
राज्य सरकार ने करीब 1800 लोगों के राजस्थान रोडवेज व अन्य साधनों से लौटने का दावा किया है। इसके बाद करीब ढाई हजार लोगों के बारे में राज्य सरकार को फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
सरकार की ओर से एक हजार से अघिक लोगों को दो हजार रूपए नकद और 23 लोगों को पांच हजार रूपए की नकद सहायता भी दे दी है।
अभी भी आपदा प्रबंधन विभाग यह कहने की स्थिति में नहीं है कि ढाई हजार लापता तीर्थ यात्रियों का क्या हुआ।
आपदा प्रबंधन विभाग ने ऋषिकेश व हरिद्वार से अपने वाहनों से लौट कर राजस्थान आ रहे लोगों को भी अपने आंकड़ों में जोड़ लिया और बता दिया कि इतनी संख्या में वहां फंसे तीर्थ यात्रियों को राजस्थान लाया गया।
आपदा प्रबंधन सचिव कुलदीप रांका का कहना है कि कितने लोग फंसे हैं इस बारे में अभी स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता।