उदयपुर के स्पेशल कोर्ट में एक ऐसी याचिका पहुंची जिसे देखकर हर कोई अचंभे में था। जहां एक 15 साल की किशोरी ने अपने मां बाप के खिलाफ याचिका दायर कर अपनी देखभाल और संरक्षण का हक मांगा, जो उसे स्वीकार करने से इंकार कर रहे थे।
किशोरी के माता पिता उसके किसी युवक के साथ चले जाने से नाराज थे। परिजनों ने मामले में पुलिस से शिकायत की थी जिस पर पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला।
लेकिन परिजन बीमारी से जूझती लड़की को सामाजिक बहिष्कार करने के डर से स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे। मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद परिजनों को उसे स्वीकार करना पड़ा।