जयपुर। जयपुर के सेठी कॉलोनी स्थित किशोर गृह से बाल अपचारियों के भागने की घटना की प्राथमिक जांच में कई रोचक लेकिन गम्भीर खुलासे हुए हैं। किशोर गृह में दो दरवाजे थे, लेकिन दोनों पर ही कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था।
ऐसे में मौका देख 15 बाल अपचारी मंगरवार देर शाम भाग छूटे। बाल अपचारियों के भागने की कई घटनाएं हुई हैं, कइयों ने तो पकड़े जाने से पहले कई वारदातों को भी अंजाम दे दिया था। ताजा घटना में भागे 15 बाल अपचारियों में से 13 पहले भी भागे थे।
तीन महीने में तीन घटनाएं
किशोर गृह
इस किशोर गृह में बाल अपचारियों के भागने की इस ताजा घटना से पहले सितम्बर और नवम्बर में भी बाल अपचारी मौका देखकर भागे थे। इन घटनाओं से किशोर गृह प्रशासन ने कोई सबक नहीं सीखा। पिछली घटनाओं के अधिकतर बाल अपचारियों को पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन पकडऩे से पहले इन्होंने आधा दर्जन वारदातों को अंजाम दे डाला था। पुलिस का भी मानना है कि किशोर गृह में सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं और जो हैं वह काफी कमजोर हैं।
केयर टेकर को दिया धक्का
किशोर गृह
ताजा घटना के तहत किशोर गृह में अपचारी खाना खाने जुटे थे। खाने देने के लिए जैसे ही चैनलगेट खोला गया, बाल अपचारियों ने केयर टेकर को धक्का दे दिया। उसके गिरने के बाद एक के बाद एक बाल अपचारियों ने भागना शुरू कर दिया। मजे की बात यह है कि चैनल गेट के बाद भी दो दरवाजे थे, लेकिन वे खुले हुए थे और सुरक्षा कर्मी भी तैनात नहीं था। यहां केवल दो निजी गार्डों के भरोसे ही सुरक्षा व्यवस्था चल रही है।
पहले खिडक़ी और दीवार तोड़ी थी
किशोर गृह
सितम्बर और नवम्बर में हुई घटनाओं में इन बाल अपचारियों ने भागने के लिए किचन की और शौचालय की खिड़कियां तोड़ी थीं। इन्हें तोडऩे के लिए उन्होंने सरियों का सहारा लिया था। सितम्बर में 17, तो नवम्बर में 16 अपचारी भागे थे।