वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित किए बिना आरोपियों को अन्य राज्य में जाकर गिरफ्तार करने के लिए दबिश देना पठानकोट के थाना डिवीजन नंबर-2 के एसएचओ सुखजिंदर सिंह को महंगा पड़ गया।
एसएसपी पठानकोट का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे गुरदासपुर के एसएसपी सुखवंत सिंह गिल ने एसएचओ को सस्पेंड कर दिया है। उन्हें पुलिस लाइन में भेज दिया गया है। फिलहाल अभी थाना डिवीजन नंबर-2 में किसे एसएचओ का कार्यभार सौंपा गया है, उसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।
जानकारी के मुताबिक थाना डिवीजन नंबर-2 में 29 जुलाई, 2013 को दशमेश नगर निवासी महक पुरी पुत्री रजनीश पुरी की शिकायत पर मोगा निवासी एनआरआई पति वरुण वर्मा, ससुर रोहित, सुमन वर्मा व ननद मेघना के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। सभी आरोपी फरार थे। बताया जाता है कि आरोपी विदेश में थे और कुछ दिन पहले ही वापस स्वदेश लौटने वाले थे।
इसकी सूचना पर एसएचओ सुखजिंदर सिंह दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पहुंच गए। आरोप है कि एसएचओ ने उनके साथ बदसलूकी की। इसकी शिकायत मिलने पर एसएसपी गिल ने एसएचओ को सस्पेंड कर दिया है। एसएसपी ने बताया कि बिना अधिकारियों को सूचित किए दूसरे राज्य में जाकर एसएचओ सुखजिंदर सिंह ने छापा मारा था।
इससे पहले दबिश के लिए अधिकारियों को सूचित किया जाना चाहिए था दिल्ली एयरपोर्ट पर एसएचओ पर शराब के नशे में उक्त पार्टी से गाली गलौच के आरोप लगाए गए हैं, उस आधार पर उन्हें सस्पेंड किया गया है।
यह था मामला
महक का आरोप था कि वरुण के अमेरिका जाने के बाद उसके ससुरालियों ने दस लाख की मांग को लेकर उसे घर से निकाल दिया। दस लाख लाने पर ही उसे अमेरिका भेजने के लिए मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने के आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए थे। आरोप है कि 9 सितंबर, 2012 को अमेरिका से आए वरुण के सामने महक के पिता ने 10 लाख रुपये नकद दिए थे। इसके बाद वरुण और महक अमेरिका चले गए। उसने आरोप लगाया कि अमेरिका में वरुण उसे परेशान करता रहा। उसने बताया कि 5 मई, 2013 को उसके ससुर रोहित वर्मा भी अमेरिका में आ गए। जहां पर दोनों पिता-पुत्र ने उससे एक लाख डालर घर से मंगाने के लिए मारपीट शुरू कर दी। उसके एक लाख डालर के लिए अमेरिका में घर में कैद करके रखा गया और प्रताड़ित किया जाता रहा।