पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों को टैक्स की पेचिदगियों से निजात देते हुए प्रदेश में ‘सिंगल स्टेज टैक्स सिस्टम’ लागू करने का फैसला किया है।
इस सिस्टम के तहत प्रदेश की फैक्ट्रियों में तैयार हो रहे उत्पाद को बाजार में लाने से पहले ही उस पर लगने वाले विभिन्न प्रकार के सभी टैक्स फैक्ट्री में ही वसूल लिए जाएंगे।
इसी तरह प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले उत्पादों पर प्रदेश में एंट्री के समय ही सभी तरह के टैक्स ले लिए जाएंगे।
इससे छोटे व्यापारियों, थोक, खुदरा और परचून व्यापारियों को टैक्स अदायगी के झंझट से निजात मिल जाएगी। नई प्रणाली पहली दिसंबर से लागू की जाएगी।
मंगलवार को उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने 14 नवंबर को घोषित की जाने वाली राज्य की नई व्यापारिक नीति की रूपरेखा पर विचार विमर्श करने के लिए बुलाई मंत्रियों और भाजपा के सीनियर नेताओं की बैठक के दौरान नई टैक्स प्रणाली की घोषणा की।
बैठक में विचार विमर्श के बाद फैसला किया गया कि नई सिंगल स्टेज टैक्स प्रक्रिया राज्य में सभी किराना वस्तुओं के साथ-साथ टेलीविजन, फ्रिज, दवाओं, ब्रांडेड जूतों पर भी लागू होगी और अन्य ब्रांडेड वस्तुएं भी इस प्रणाली में सिलसिलेवार तरीके से शामिल कर ली जाएंगी।
उप मुख्यमंत्री बादल ने बताया कि लगभग 200 व्यापारियों को नई व्यापारिक नीति घोषित करते समय अधिकतम टैक्स अदा करने के लिए सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नई नीति के अनुसार व्यापारियों को सभी प्रकार की आवश्यक मंजूरियों के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इससे व्यापारियों को अदायगी और भुगतान को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इंसपेक्टरी राज खत्म करने का ब्ल्यू प्रिंट तैयार किया जा रहा है।
छह महीने के भीतर इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह व्यापारिक नीति टैक्स ढांचे को भी सरल बनाएगी। बादल ने कहा कि राज्य में लगभग ढाई लाख व्यापारी हैं।
देखने में आया है कि केवल 900 व्यापारियों ने एक वर्ष में वैट के तौर पर एक करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा करवाई है।
भाजपा ने किया स्वागत
इस मौके पर भाजपा की ओर से उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल, वन मंत्री चुन्नी लाल भगत, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार तीक्ष्ण सूद, पंजाब व्यापारी बोर्ड के पूर्व चेयरमैन निरोत्तम रत्ती और अन्य नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे लाखों व्यापारी इंस्पेक्टर राज से मुक्त होंगे और उन्हें किताबी हिसाब-किताब से भी राहत मिलेगी।