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भाजपा महिला मोर्चा पर केस दर्ज क्यों नहीं

Mon, 30 Dec 2013 10:57 PM IST
जालंधर
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तेजाब कांड का शिकार हुई हरप्रीत को श्रद्धांजलि देने के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर भाजपा महिला मोर्चा की इकाई पर केस दर्ज करने की मांग उठने लगी है। विरोधी दलों ने अब इसे मुद्दा बना लिया है। बसपा ने प्रशासन से पूछा है कि क्या मार्ग जाम करने का केस सिर्फ विरोधी दलों पर ही दर्ज करने का प्रावधान है। रविवार को निकाले गए कैंडल मार्च में प्रदेश भाजपा की कई महिला पदाधिकारी भी शामिल हुई थीं। महिला पार्षद सुमन सहगल ने भी हिस्सा लिया था जो प्रदेश की वाइस प्रेसिडेंट हैं। कैंडल मार्च के दौरान जाम लग गया था जिस कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
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डीसीपी ने आदेश दे रखा है कि अगर किसी को सड़क पर मार्च निकालना है तो उसके लिए बाकायदा लिखित परमिशन लेनी होगी लेकिन भाजपा ने कैंडल मार्च निकालने से पहले प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी। इस मामले में भाजपा महिला मोर्चा की प्रधान सुखराज कौर पर उंगलियां उठ रही हैं। प्रधान सुखराज कौर की कार्यशैली को लेकर पार्टी के भीतर पहले से ही विरोधाभास है।

डीजीपी से करेंगे शिकायत : बसपा
बसपा के प्रवक्ता और महासचिव सुखविंदर कोटली का कहना है कि पंजाब में दो तरह की आईपीसी चल रही हैं। एक सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के लिए और दूसरी विरोधी दलों के लिए। बसपा अगर जाम लगाए तो उन पर केस दर्ज और भाजपा महिला नेता  रोड पर बिना आज्ञा लेकर मार्च निकाले तो उनके लिए एक धारा तक नहीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में डीजीपी और आला अधिकारियों को शिकायत दी जाएगी।
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हमने जाम नहीं लगाया : सुखराज
महिला मोर्चा की प्रधान सुखराज कौर का कहना है कि पार्टी की महिला पदाधिकारियों ने जाम नहीं लगाया था, लोग खुद ही सड़कों पर रुक गए थे। यह आरोप निराधार है। वहीं पुलिस से मार्च की परमिशन क्यों नहीं ली गई, इस पर सुखराज कौर कुछ नहीं बोल पाईं।

मामले की जांच की जाएगी : डिप्टी कमिश्नर
छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटे डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राहुल एस. का कहना है कि उन्हें मामले का अभी पता लगा है। मामले की जांच करवाई जाएगी। आगे से कोई भी राजनीतिक पार्टी बिना परमिशन मार्च न निकाले, ऐसी हिदायत जारी की जाएगी।
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