पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी की जीत से भारत में उनके पैतृक गांव जाति उमरा में भी जश्न मना।
रविवार को पंजाब के तरनतारन जिले के गांव जाति उमरा में दीपावली जैसा माहौल था।
टीवी पर नवाज शरीफ की पार्टी की बढ़त की खबर मिलते ही ग्रामीणों में एक दूसरे को बधाई देने और गले मिलने का सिलसिला शुरू हो गया।
सभी ने चौपाल पर जुट कर नवाज शरीफ के तीसरी बार पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने की दुआ की और लड्डू बांटे गए। जीत पर भंगड़ा भी डाला गया।
गुरुद्वारे में अरदास
आजादी से पहले नवाज शरीफ के पिता मियां मोहम्मद शरीफ अपने परिवार के साथ इसी गांव में रहते थे। उनके पैतृक घर में बने गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी इंद्रजीत सिंह ने नवाज शरीफ के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए विशेष अरदास की।
मस्सा सिंह को याद है आवभगत
गांव के 86 वर्षीय मस्सा सिंह का कहना है कि नवाज शरीफ के पिता उनके दोस्त थे। दोनों एक साथ गांव में खेला करते थे।
आजादी के बाद मियां मोहम्मद लाहौर में जा कर बस गए। वहीं नवाज शरीफ का जन्म हुआ।
बंटवारे के बाद भी मियां मोहम्मद अपने साथियों से मिलने गांव आए थे। उन्होंने गांव के कई युवकों को सिफारिश कर खाड़ी देशों में नौकरी दिलवाई थी।
कुछ वर्ष पहले गांव के लोग लाहौर गए थे तो नवाज शरीफ के परिवार ने उनकी खूब आवभगत की थी।