फिरोजपुर में उद्योगपति अशोक वोहरा का स्कूल से अगवा हुआ ढाई साल का पोता दो घंटे बाद गांव गुरुहरसहाए के नाम चर्चा घर के पास से बरामद हुआ। अपहरणकर्ताओं ने बच्चा छोड़ने के लिए दादा से 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
जैसे ही यह बात पुलिस प्रशासन तक पहुंची पुलिस ने पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी। अपहरणकर्ता के टेलीफोन की लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की सक्रियता देख अपहरणकर्ता दो घंटे बाद ही बच्चे को गांव गुरुहरसहाए के नाम चर्चा घर के पास छोड़ गया। डीएसपी बलजीत सिंह ने कहा कि अपहरणकर्ताओं की तलाश जारी है। फिलहाल बच्चा नाम चर्चा के पास से बरामद हो गया।
उद्योगपति अशोक वोहरा ने बताया कि उनका पोता ध्रुव (ढाई साल) ईश्वर किड्जी स्कूल में पढ़ता है। उसे स्कूल से कोई महिला अपने साथ मंगलवार दोपहर साढ़े बारह बजे ले गई।
स्कूल वालों ने बच्चे को महिला के साथ भेज दिया। दोपहर एक बजे दादा अशोक वोहरा के मोबाइल फोन पर फोन आया कि उनके पोते ध्रुव को अगवा कर लिया है। उसे छुड़वाना है तो 70 लाख रुपये देने पड़ेंगे। इतना कह कर फोन बंद कर कर दिया।
जब स्कूल में टेलीफोन करके पूछा तो बच्चा वहां नहीं था। उसने अपने बेटे संजीव वोहरा को टेलीफोन किया। पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी।
आरोपियों की काल लोकेशन फरीदकोट के सादिक क्षेत्र के पास गांव टेंडी वलोचा की थी। यहां से आरोपी फोन कर रहे थे। वे दोपहर ढाई बजे गांव गुरुहरसहाए के नाम चर्चा घर के पास बच्चे को छोड़कर फरार हो गए। बच्चा परिवार वालों को मिल गया।
उधर, क्षेत्र वासियों का कहना है कि आतंकवाद के दौरान अशोक वोहरा को आतंकियों ने अगवा कर लिया था। उस समय भी फिरौती मांगी गई। लेकिन किसी तरह अशोक वोहरा उनके चंगुल से छूट गए थे।