पंजाब के अमृतसर में शेर-ए-पंजाब महाराजा रंजीत सिंह के साथ जुड़े गुरु बाजार के साथ सटी गली अरदासियां की एक खस्ताहाल इमारत में खुदाई के दौरान चांदी के सिक्के प्राप्त हुए हैं। ये सिक्के एक सदी पुराने हैं।
सिक्के मिलने के बाद गली अरदासियां और आसपास के इलाकों में यह खबर आग की तरह फैली। लोग इसे पुरातन काल का खजाना समझकर देखने के लिए उमड़ पड़े।
थाना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने खुदाई के दौरान मिले 410 सिक्के कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
गली अरदासियां निवासी साहिल सेठ पुत्र सतीश कुमार ने बताया है कि गली में उनका पुश्तैनी चार मंजिला मकान है। इस मकान में कोई नहीं रहता। खस्ताहाल होने के कारण नगर निगम के आदेश पर इस मकान को गिराने का काम पिछले पंद्रह दिनों से चल रहा था।
मकान गिराने का ठेका लोहगढ़ निवासी शिव शंकर को दिया गया है। शुक्र्तवार की शाम इमारत के सबसे नीचे वाले कमरे की नानकशाही ईटों की दीवार को तोड़ा जा रहा था।
इसी दौरान दीवार में से सिक्के गिरने शुरू हो गए। मजदूरों ने गली में आकर शोर मचा दिया।
इसके बाद इलाका निवासी इकट्ठा हो गए। लोगों ने उसे सोने का खजाना समझकर शोर मचा दिया और बात पुलिस तक पहुंच गई।
थाना कोतवाली के एसएचओ सुखविंदर सिंह रंधावा पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने 410 सिक्के कब्जे में ले लिए व जांच करवाई।
जांच में पता चला कि यह सिक्के चांदी के हैं। इन सिक्कों पर वर्ष 1916 लिखा हुआ है। जिस इमारत से सिक्के बरामद हुए हैं, वहां पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने किसी भी व्यक्ति के इमारत के अंदर दाखिल होने पर पाबंदी लगा दी है।
शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में फिर से इमारत की खुदाई करवाई जाएगी। साहिल सेठ ने बताया है कि उनके परदादा, दादा ने कहा था कि इस इमारत में खजाना गढ़ा हुआ है। मगर वह इस बात पर विश्वास नहीं करते थे। जिस कमरे में से सिक्के मिले हैं उस कमरे में उनके दादा, परदादा पूजा किया करते थे।