गुरुनगरी लौटे सांसद नवजोत सिंह सिद्धू फिर पूरे तेवर में हैं।
उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की ओर से उनके सवालों के दिए गए जवाब से वे कितने संतुष्ट हैं, इस पर सिद्धू ने कहा कि उन्होंने उनके सवालों का जोरदार जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह उनका हक है। वे गुरुनगरी के 15 लाख लोगों की आवाज हैं। इस आवाज को दबने नहीं देंगे बल्कि यह और बुलंद होगी। सिद्धू शुक्रवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
सिद्धू ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि वे यहां से चले जाएं पर ऐसा होगा नहीं। उन लोगों का सपना पूरा नहीं होगा। अगर ऐसा होना होता तो साढ़े नौ साल पहले हो जाता।
अब उनकी कोठी अमृतसर में बन रही है। कोई यह नहीं कह सकता वे बाहरी हैं। गुरुनगरी और यहां के लोगों के प्रति मेरी प्रतिबद्धता है और यह उम्र भर रहेगी। उन्हें चुनाव की कोई चिंता नहीं है। वे पार्टी के सिपाही हैं। पार्टी तय करेगी चुनाव लड़ना है या नहीं।
सिद्धू ने कहा कि उन्होंने न तो पहले भी चुनाव के लिए टिकट मांगा और अब भी नहीं मांगेंगे।
उन्होंने हैरानी जताई कि जब भी चुनाव आता है, तभी यह चर्चा क्यों होती है कि ‘सिद्धू यहां से चुनाव लड़ेंगे। तीन बार यहां से जीता हूं। लोगों का विश्वास उनके साथ है। टीवी का कोई कलाकार दो बार चुनाव नहीं जीता, लोग खुद भगा देते हैं।
अमृतसर से चुनाव लड़ने पर सिद्धू ने कहा कि न तो पहले यह उन्होंने तय किया था और न ही अब करेंगे। पहले भी टिकट नहीं मांगा और न अब मांगेंगे।
यहां से चुनाव लड़ने की इच्छा है, पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी से कुछ नहीं मांगा। सिर्फ गुरुनगरी के लिए मांगा और इसके लिए ही झोली फैलाई।
अकाली नेताओं से मतभेद दूर करने के लिए किसी ने संपर्क नहीं किया, पर उन्होंने कहा कि जब कोई संपर्क करेगा तो वे सार्वजनिक रूप से बात करेंगे।
उनहोंने कभी कोई काम छिपकर नहीं किया। छिपकर काम वे करते हैं, जिनके मन में चोर होता है।