नशे की पूर्ति के लिए स्प्रिट पीने से पास के गांव नमोल में तीन मजदूरों की मौत हो गई है। तीनों मजदूरों ने रात को इस संदिग्ध पदार्थ का सेवन किया था। बताया जाता है कि सस्ती शराब के चक्कर में तीनों मजदूरों ने उक्त संदिग्ध पदार्थ का सेवन किया था लेकिन इस संदिग्ध पदार्थ ने तीनों की जान ले ली। डीएसपी भरपूर सिंह ने बताया कि गांव नमोल निवासी चमकौर सिंह (50) पुत्र दर्शन सिंह, गुरमेल सिंह (50) पुत्र हरि सिंह व गुरतेज सिंह (50) पुत्र हरनेक सिंह शुक्रवार रात संदिग्ध पदार्थ पीकर सो गए, जो शनिवार सुबह नहीं उठे। गांव वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हादसे की भेंट चढ़े तीनों मजदूरों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। साथ ही जांच होगी कि मृतकों तक स्प्रिट किसने सप्लाई किया था। दूसरी तरफ गांव वालों का कहना है कि इलाके में मिलावटी शराब का काम लंबे समय से चल रहा है। शायद तीनों मजदूर भी ऐसी नकली शराब की भेंट चढ़े हैं। नकली शराब बेचने वालों पर कोई शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। गांववासियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नकली शराब बेचने वालों के खिलाफ शिकंजा नहीं कसा गया तो आंदोलन किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी : डीसी उपायुक्त जतिंदर जोरवाल और जिला पुलिस प्रमुख सुरेंद्र लांबा ने गांव नमोल में तीन व्यक्तियों की संदिग्ध मौत की तत्काल तथ्यात्मक जांच के आदेश दिए हैं। उपायुक्त ने बताया कि गांव नमोल निवासी तीनों मृतकों की कथित रूप से शराब के सेवन से मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद एडीसी अनमोल सिंह धालीवाल और एसपी (पीबीआई) के तहत मनप्रीत सिंह की निगरानी में पूरे मामले की गहन जांच करने के बाद इस घटना के जिम्मेदार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने कहा कि तीनों व्यक्तियों की मौत के वास्तविक कारणों की जांच के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उपायुक्त व एसएसपी ने एसडीएम सुनाम व डीएसपी सुनाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।