पंजाब में चार सरकारी डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा।
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तमाम प्रयासों के बावजूद पंजाब में कोरोना काबू में नहीं आ रहा। इस जंग में डॉक्टर सबसे बड़े योद्धा हैं, लेकिन बठिंडा के तीन सरकारी डॉक्टरों ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ़ मनिंदर पाल ने इसकी पुष्टि की है। इसके अलावा गिद्दड़बाहा के सरकारी अस्पताल के एक डॉक्टर ने भी इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने बताया कि गुरुवार को एमडी मेडिसिन डॉ़ रमनदीप गोयल, आई सर्जन डॉक्टर दीपक गुप्ता का इस्तीफा उन्हें मिल चुका है। ये इस्तीफे बड़े अधिकारियों को भेज दिया है। इससे दो दिन पहले एमडी मेडिसिन डॉ़ जयंत अग्ररवाल ने अपना इस्तीफा दिया था। वहीं गिद्दड़बाहा के सरकारी अस्पताल के डॉ़ जैन के भी अपनी नौकरी से इस्तीफा देने की सूचना है। महिला डॉ़ रमनदीप गोयल से संपर्क कर इस्तीफा देने का कारण जानना चाहा तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
समाजसेवी सोनू माहेश्वरी का कहना था कि पूरा देश एवं सेहत विभाग के डॉक्टर कोरोना महामारी से जंग लड़ रहे है, लेकिन जंग के बीच में चार सरकारी डॉक्टरों की ओर से अपनी नौकरी से इस्तीफा दे देना अति निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में लोग सबसे पहले अपना उपचार करवाने सिविल अस्पताल की ओर रुख करते है, अब डॉक्टरों के ऐसे कदम से लोगों के मन में भी गलत प्रभाव जाएगा। माहेश्वरी ने कहा कि डॉक्टरों ने अगर नौकरी छोड़नी थी तो वो जंग जीत जाने के बाद छोड़ देते इस तरह जंग के मैदान से भाग जाना बहादुरी नहीं है। इसको कायरता वाला कदम कहा जाएगा।