सुनाम में जग्गा सिंह ने की सुसाइड की कोशिश
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सुनाम के गांव नमोल में नशे के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने वाले एक व्यक्ति द्वारा कथित उत्पीड़न व पुलिस सुनवाई न होने से आहत होकर जहरीली वस्तु निगलने का मामला गहरा गया है।
पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती पीड़ित की हालत नाजुक बनी हुई है।
इस घटना के बाद एक ओर पुलिस ने पीड़ित की पत्नी के बयानों के आधार पर गांव के सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, तो दूसरी ओर ग्रामीण सरपंच के समर्थन में लामबंद हो गए हैं। इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है और विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं।
पीड़ित का आरोप: घर में घुसकर की मारपीट
अस्पताल में उपचाराधीन पीड़ित जग्गा सिंह ने बताया कि उसने इलाके में बिक रहे नशे के खिलाफ आवाज उठाते हुए एक वीडियो पोस्ट की थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह अतीत में खुद नशे का आदी रह चुका है। पीड़ित का आरोप है कि वीडियो सामने आने के बाद गांव का सरपंच और उसके साथी उसे लगातार प्रताड़ित करने लगे। आरोपियों ने उसके घर में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और जान से मारने की धमकियां दीं। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और डीवीआर भी उखाड़कर साथ ले गए।
'पुलिस की ढिलाई से आहत होकर उठाया आत्मघाती कदम'
जग्गा सिंह ने वीडियो में रोते हुए बताया कि उसने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार मिल रही धमकियों और पुलिस के ढुलमुल रवैये से आहत होकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
ग्रामीणों का दावा: आरोप बेबुनियाद
दूसरी तरफ, गांव नमोल में ग्रामीणों की एक बड़ी बैठक हुई। ग्रामीणों ने पीड़ित के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि जग्गा सिंह खुद नशे का आदी है और नशा बेचने का काम करता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और गांव में नशा बंद करवाने का प्रयास करने वालों पर मामला दर्ज करना पूरी तरह अनुचित है।
एसएचओ योगेश गर्ग ने बताया कि पीड़ित जग्गा सिंह की पत्नी के बयान पर नमोल गांव के सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस निष्पक्षता से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले पर गरमाई सियासत
घटनाक्रम के सामने आने के बाद पंजाब के मुख्य विपक्षी दलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला व राजिंदर दीपा ने सरकार को घेरते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी सोशल मीडिया के जरिए राज्य सरकार पर निशाना साधा। भाजपा के वरिष्ठ नेता दामन बाजवा समेत अन्य नेताओं ने इस मुद्दे को उठाकर पुलिस प्रशासन से सख्त व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल गांव में तनाव व असमंजस की स्थिति है, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।