वह 4 साल नेशनल चैंपियन रही है। दोहा कतर में हुए एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी है।
ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है, लेकिन उसे अब ससुराल में दहेज की मांग को लेकर पीटा जाता है।
बात हो रही है अंतर्राष्ट्रीय महिला तलवारबाज कर्मजीत कौर की।
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के खमाणो कस्बे की रहने वालीं कर्मजीत कौर ने महिला पुलिस थाना फतेहगढ़ साहिब में पति समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है।
उनके चाचा ससुर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
चार बार की फेंसिंग की राष्ट्रीय चैंपियन और 2006 की एशियन चैंपियन को आगामी 24 अप्रैल को चंडीगढ़ के टैगोर थियेटर में सीएम प्रकाश सिंह बादल महाराजा रणजीत सिंह खेल अवार्ड से सम्मानित करेंगे।
कर्मजीत कौर ने बताया कि वह सरकारी स्कूल में बतौर डीपीआई तैनात है। गत वर्ष 25 अप्रैल को उसकी शादी खन्ना निवासी गुरचरन सिंह से हुई थी।
शादी के करीब एक माह बाद ही उसके ससुर हरचंद सिंह, पति गुरचरन सिंह, जेठ हरजीत सिंह व देवर सुरजीत सिंह ने उस पर दबाव बनाना शुरू किया कि वह अपनी तनख्वाह के बदले एक बड़ा लोन लेकर उनको दे दे, लेकिन वे जितना पैसा मांग रहे थे, उतना लोन तनख्वाह के बदले नहीं मिल सकता था।
इस पर ससुरालियों ने उसका एटीएम कार्ड छीन लिया और उसके पैसे बैंक से निकालने लगे। इसके बाद अचानक सास मुख्तयार कौर ने गाड़ी की मांग करते हुए उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया।
उसके चाचा ससुर गुरदास सिंह ने भी दहेज के लिए और मायके की जायदाद से हिस्सा लाने के लिए धमकाना शुरू कर दिया।
महिला खिलाड़ी ने बताया कि जब उत्पीड़न असहनीय हो गया तो उसने इसकी शिकायत एसएसपी को दी। उन्होंने इस केस को महिला थाने में जांच के लिए सौंप दिया।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दविंदर पाल सिंह ने जांच को सही पाते हुए उक्त आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों में से कर्मजीत के चाचा ससुर गुरदास सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जबकि बाकी के आरोपी फरार हैं।
कर्मजीत कौर की उपलब्धियां
*2003, 2004, 2005 और 2007 में नेशनल चैंपियन
*2006 में 15वें ओपन एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप दोहा कतर में स्वर्ण पदक
*2004 में जूनियर एवं सीनियर कामन वेल्थ गेम में भारत का प्रतिनिधित्व
*2005 में जर्मनी में कामन वेल्थ गेम में देश का प्रतिनिधित्व