प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के मुखी वधावा सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से शनिवार को सम्मानित किया गया।
वधावा को दिए गए इस सम्मान को अखंड कीर्तनी जत्था के मुखी ज्ञानी बलदेव सिंह ने हासिल किया। यह सम्मान बेअंत सिंह हत्याकांड में मानव बम बने आतंकी दिलावर सिंह बब्बर की बरसी पर श्री अकाल तख्त साहिब पर आयोजित कार्यक्रम में दिया गया। वधावा इस समय भूमिगत है। चर्चा है कि वह पाकिस्तान में है।
हाल ही में एसजीपीसी ने बलदेव सिंह से धर्म प्रचार की सेवा वापस ले ली थी। इसके बाद एसजीपीसी और अखंड कीर्तनी जत्थे के बीच तनाव बढ़ गया था।
यह भी चर्चा है कि अखंड कीर्तनी जत्थे को बब्बर खालसा का गुप्त समर्थन हासिल है।
शनिवार को यह सम्मान श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह और ज्ञानी गुरमुख सिंह ने ज्ञानी बलदेव सिंह को दिया।
मालूम हो कि आतंकी दिलावर सिंह बब्बर को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से कौमी शहीद किया गया था। उसकी 18वीं बरसी पर शनिवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए।
श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह और श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख के साथ साथ विभिन्न सिख संगठनों के कार्यकर्ता और नेता इस अवसर पर मौजूद थे।
इस दौरान रागी बलदेव सिंह वडाला और सुखविंदर सिंह नागोके की ओर से शबद गायन किया गया।
कार्यक्रम में अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरन जीत सिंह मान ने हर बार की तरह खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाकर अपने संगठन की हाजिरी दर्ज करवाई।
इस अवसर पर रेडिकल सिख संगठन दल खालसा के कंवरपाल सिंह बिट्टू, सबरजीत सिंह, मनजिंदर सिंह, गुरदीप सिंह, तेजिंदर सिंह, अकाली दल पंच प्रधानी के हरपाल सिंह चीमा, अखंड कीर्तन जत्था इंटर नेशनल के बलदेव सिंह, पंथक सेवा लहर के बाबा बलजीत सिंह दादूवाल, पूर्व सांसद ध्यान सिंह मंड, जरनैल सिंह सखीरा मौजूद थे। इस दौरान दिलावर सिंह के परिवार के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।