संगरूर के ब्लाक भवानीगढ़ के कई गांवों में धान की फसल को काला तेला की बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया है। फसलों की इस बीमारी को देख किसान चिंता में डूबे हुए हैं।
हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कोई बीमारी नहीं बल्कि बे-मौसमी बारिश के कारण ऐसा हो जाता है।
भवानीगढ़ बलाक के गांव बींबड़, माझी, भड़ो, चन्नो और नदामपुर के किसान सुखदेव सिंह, मनजीत सिंह और चूहड़ सिंह ने बताया कि उनके धान की फसल पर काला तेला की बीमारी पड़ गई है।
अपनी फसल को बचाने के लिए हर किस्म की स्प्रे कर चुके हैं, लेकिन काले तेला की बीमारी धान का पीछा नहीं छोड़ रही। उनके मुताबिक इस बीमारी के कारण धान की फसल पर काफी ज्यादा बुरा असर पड़ेगा।
उधर, जिला खेतीबाड़ी अधिकारी डा. राजिंदर सिंह सोही ने किसानों से अपील की है कि यह कोई काला तेला की बीमारी नहीं है।
बे-मौसमी बारिश के कारण धान की फसल के पत्ते उल्ट जाते हैं और धूप न लगने की वजह से फसल का दाना काला पड़ने लगता है।
उन्होंने कहा कि जिले में बेमौसमी बरसात के कारण फसलों पर इसका नुकसान महज दो से तीन प्रतिशत ही सामने आया है। ऐसी फसलों पर कोई दवा छिड़कने का भी फायदा नहीं होता। क्योंकि इससे फसल को कोई नुकसान नहीं होता है।